
नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन के बीच तनाव जारी है। इस बीच अमेरिका के एक शीर्ष सांसद ने कहा कि उन्नत तकनीक के क्षेत्र में अब अमेरिका उतना प्रभावशाली नहीं है, जबकि चीन, भारत और रूस ने ‘हाइपरसोनिक’ टेक्नोलॉजी में काफी तरक्की कर ली है। ‘सीनेट आर्म्ड सर्विस कमेटी’ के अध्यक्ष जैक रीड ने एक नामांकन की पुष्टि के लिए हो रही बहस में कहा, ‘हम ऐसी स्थिति में हैं जहां हम तकनीक संबंधी सुधार कर रहे हैं। कभी तकनीक के क्षेत्र में हमारा वर्चस्व हुआ करता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। ‘हाइपरसोनिक’ टेक्नोलॉजी में स्पष्ट रूप से चीन, भारत और रूस ने काफी तरक्की कर ली है।
इसके बाद, डॉ.विलियम लैपलेंट ने उनसे पूछा कि रक्षा अवर सचिव बनने के बाद वह इन मुद्दों से कैसे निपटेंगे। रीड ने कहा, ‘हम विश्व के इतिहास में पहली बार त्रिपक्षीय परमाणु प्रतियोगिता का सामना करने वाले है। अब यह द्विपक्षीय नहीं है। मुकाबला अब सोवियत संघ और अमेरिका के बीच नहीं है। बल्कि चीन, रूस और अमेरिका के बीच है।’
लैपलेंट ने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि हथियार प्रणालियों की मुख्यधारा में आने के लिए तेजी से काम किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘जिन नई तकनीकों के बारे में आपने बात की। इस दिशा में पिछले कई वर्षों में हमने कई कदम उठाए हैं। मुझे लगता है कि यह बेहद अच्छा है।
हाइपरसोनिक मिसाइल के बारे में जानिए
हाइपरसोनिक मिसाइल वो सुपर एडवांस हथियार होते हैं, जो ध्वनि की गति से पांच गुना ज्यादा गति में चले। इन मिसाइलों की स्पीड 6500 किलोमीटर प्रतिघंटा तक होती है। इनकी गति और दिशा में बदलाव करने की क्षमता इतनी ज्यादा सटीक और ताकतवर होती हैं कि इन्हें ट्रैक करना और मार गिराना लगभग अंसभव होता है।