चेयरमैन बोले-बिलासपुर में बार-बार बिजली क्यों बंद हो रही

Chhattisgarh Crimes इस दौरान उन्होंने अफसरों से सवाल किया कि आंधी-तूफान हर साल आता है। लेकिन, इस बार सबसे ज्यादा दिक्कत क्यों हो रही है। क्यों बार-बार बिजली बंद हो रही है।

जवाब में अधिकारियों ने कहा कि पिछले साल की तुलना में इस बार 15% लोड बढ़ गया है। वहीं, स्टाफ की कमी प्रमुख वजह है। बिजली सुधारने के लिए टेक्नीशियन नहीं है।

कलेक्ट्रेट के मंथन सभा कक्ष में करीब 3 घंटे तक बैठक चली। इस दौरान चेयरमैन डॉ. यादव ने अफसरों से पूछा कि पूरे प्रदेश में बिजली कटौती की सबसे ज्यादा शिकायतें बिलासपुर से ही क्यों आ रही हैं।

जवाब में अधिकारियों ने स्टाफ की कमी और गर्मी के कारण लोड बढ़ने की बात कही। उन्होंने दो टूक कहा कि आधी रात को लोग बिजली विभाग के दफ्तर तक पहुंच रहे हैं, इसका मतलब है कि समस्या बहुत गंभीर है। उन्होंने कहा, लोग समस्या होने पर ही आपको कॉल करते हैं, तो रिसीव क्यों नहीं होता? आप लोगों की लापरवाही के कारण सरकार की छवि खराब हो रही है।

चेयरमैन ने अफसरों को दी चेतावनी

चेयरमैन ने चेतावनी देते हुए कहा कि अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं और शिकायतों का तत्काल निराकरण करें। बैठक में संभागीय कमिश्नर सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर, कार्यपालन निदेशक एके अम्बस्ट, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल मौजूद थे।

साथ ही नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, बिजली विभाग के अधीक्षण यंत्री पी. आर. साहू, सुरेश जांगड़े के अलावा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) और मुंगेली बिजली विभाग के अधिकारी भी शामिल थे।

कलेक्टर बोले- टेक्नीशियन की होगी आउटसोर्सिंग

बैठक के बाद जानकारी देते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि शहर में समस्याओं के निराकरण के लिए टीम बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जो रात्रि 11 बजे से 3 बजे तक समस्याओं का निराकरण करेगी।

उन्होंने कहा कि लोड बढ़ने और टेक्नीशियन की कमी की वजह से बिजली बंद होने की समस्याएं आ रही है। इसके लिए आउटसोर्सिंग से टेक्नीशियन की व्यवस्था की जाएगी। ताकि, आने वाले समय में दिक्कत न हों।

समय पर काम न होने पर ठेका बदलने के निर्देश

स्मार्ट मीटर के काम की धीमी प्रगति से नाराज डॉ. यादव ने जीनस कंपनी के अधिकारी से कहा कि अगर अगस्त तक काम पूरा नहीं हुआ, तो ठेका रद्द कर रायपुर में काम कर रही कंपनी को दे दिया जाएगा। वहीं, आरडीएसएस योजना के कार्य की धीमी प्रगति को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जाहिर की।

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