
लेकिन, 9 दिन बाद भी अब तक युवक का कुछ पता नहीं चल सका है। इससे परेशान परिजनों ने जिला प्रशासन से स्कूबा उपकरणों से लैस एसडीआरएफ की विशेष गोताखोर टीम भेजकर तलाश अभियान तेज करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम जोंधरा निवासी सुखदेव केवट (28) पिता व्यसनारायण केवट मछली पकड़ने और बेचने का काम करता था। 23 जुलाई को दोपहर करीब 12 बजे वह गांव के पास स्थित शिवनाथ नदी में मछली पकड़ने गया था। मछली नहीं मिलने पर वह नदी पार कर बलौदाबाजार जिले के लवन क्षेत्र की ओर चला गया।
तेज बहाव में बिगड़ा संतुलन फिर बह गया युवक
इसी दौरान नदी का जलस्तर और बहाव तेज होने से वह संतुलन खो बैठा और पानी में बह गया। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने उसकी तलाश शुरू की।
घटना स्थल तीन जिलों की सीमा से लगा होने के कारण बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और बलौदाबाजार जिले की एसडीआरएफ टीमों को भी मौके पर बुलाया गया। देर शाम तक नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन सुखदेव का कोई पता नहीं चल सका।
उपकरणों और प्रशिक्षित गोताखोरों की मदद से करें तलाश
इस घटना के बाद पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय ग्रामीणों ने कई दिनों तक तलाश अभियान चलाया, लेकिन अब तक युवक का कोई पता नहीं चल सका है। इससे परेशान परिजनों का कहना है कि जिस स्थान पर युवक डूबा, वहां नदी काफी गहरी है और पानी का बहाव भी तेज है।
ऐसे में सामान्य संसाधनों से खोज अभियान प्रभावी साबित नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि यदि आधुनिक स्कूबा उपकरणों और प्रशिक्षित गोताखोरों की विशेष टीम भेजी जाए तो युवक की तलाश में सफलता मिल सकती है।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया- देखते ही देखते बहाव में बह गया घटना के प्रत्यक्षदर्शी ललित केंवट ने बताया कि तीनों युवक नदी पार कर मछली पकड़ने गए थे। लौटने के दौरान तेज बहाव में सुखदेव का संतुलन बिगड़ गया और वह देखते ही देखते गहरे पानी में चला गया। काफी कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।
भाई बोला- हर दिन उम्मीद टूट रही, प्रशासन मदद करे लापता युवक के भाई हरिकिशन केंवट ने कहा कि पिछले नौ दिनों से परिवार लगातार इंतजार कर रहा है। अब तक चले सर्च ऑपरेशन में कोई सफलता नहीं मिली है। उन्होंने जिला प्रशासन से विशेष गोताखोर टीम भेजकर जल्द से जल्द तलाश अभियान तेज करने की मांग की है, ताकि परिवार को अपने भाई के बारे में कोई जानकारी मिल सके।