
इसके चलते जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र दस्तावेजों में सुधार और अन्य दैनिक सेवाओं के लिए पहुंचे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई लोगों को बिना काम कराए ही सोमवार को दोबारा आने के लिए कहा गया।
QR कोड नहीं चलने से बेटी का आधार कार्ड अटका
जन्म प्रमाण पत्र में सुधार कराने पहुंचे रघुवीर सिंह ने बताया कि उनकी बेटी का जन्म प्रमाण पत्र तो बन गया है, लेकिन उस पर लगा QR कोड स्कैन नहीं हो रहा है। इसके कारण बच्ची का आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है।
उन्होंने बताया कि आधार कार्ड बनवाने के लिए सही QR कोड वाला जन्म प्रमाण पत्र और हरे रंग के लीगल पेपर पर जारी प्रमाण पत्र जरूरी है। इसी काम के लिए वे निगम कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन हड़ताल के कारण उनका काम नहीं हो सका। दफ्तर में मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें सोमवार को आने के लिए कहा।
महासमुंद से आए, फिर भी नहीं मिला प्रमाण पत्र
महासमुंद निवासी रौशनी कुजूर ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए पहले आवेदन किया था। गुरुवार को प्रमाण पत्र लेने रायपुर आई थीं, लेकिन हड़ताल के कारण उन्हें भी खाली हाथ लौटना पड़ा।
उन्होंने कहा,हम महासमुंद से सिर्फ प्रमाण पत्र लेने आए थे, लेकिन यहां बताया गया कि हड़ताल चल रही है। अब सोमवार को आने के लिए कहा गया है।”
मुख्यालय समेत 10 जोन में कामकाज प्रभावित
दो दिवसीय हड़ताल का असर केवल जन्म-मृत्यु शाखा तक सीमित नहीं रहा। रायपुर नगर निगम मुख्यालय के अलावा शहर के सभी 10 जोन कार्यालयों में प्लेसमेंट कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इसके चलते विभिन्न विभागों में फाइलों का निपटारा, प्रमाण पत्र जारी करने, दस्तावेजों के सत्यापन और अन्य प्रशासनिक कार्य प्रभावित रहे। दो दिनों तक आम नागरिकों को निगम कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े।
एकता संघ ने दिया समर्थन
नगर निगम अधिकारी-कर्मचारी एकता संघ के अध्यक्ष प्रमोद जाधव ने कहा कि प्लेसमेंट कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगें न्यायोचित हैं और उनका शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को न्याय मिलने के साथ उनकी सेवाओं का सम्मान भी सुनिश्चित होना चाहिए। इसी उद्देश्य से एकता संघ ने आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।
हड़ताल की 2 प्रमुख मांगें
छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय प्लेसमेंट कर्मचारी महासंघ ने अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर दो दिवसीय हड़ताल की है।
पहली मांग संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों की तरह नगरीय निकायों (नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत) में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों को भी संविदा दर के बराबर वेतन दिया जाए।
दूसरी मांग नगरीय निकायों में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों के लिए चारों नए श्रम कानून लागू किए जाएं, ताकि उन्हें श्रमिकों को मिलने वाले वैधानिक अधिकार और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सके।