
उन्होंने कहा, ‘बड़ी मुश्किल से 56 इंच का सीना होने की छवि बनाई थी। बच्चों ने एक मिनट में उस छवि को धो दिया।’ हरेली तिहार को लेकर भूपेश बघेल ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ का पहला तिहार है। इसे सभी लोग और किसान मिलकर मनाते हैं, लेकिन भाजपा सरकार ने इस परंपरा को भी खत्म कर दिया।
परिवार संग मनाया हरेली तिहार
भूपेश बघेल अपनी पत्नी और बेटी के साथ हरेली तिहार कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने पारंपरिक तरीके से खेती-किसानी में इस्तेमाल होने वाले औजारों और पशुधन की पूजा की। कार्यक्रम में कांग्रेस के कई सीनियर नेता, पूर्व मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता शामिल हुए।
भूपेश बघेल ने सरकार पर लगाए अनदेखी के आरोप
मीडिया से बातचीत के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के त्योहार प्रकृति से जुड़े हुए हैं और हरेली भी इसी परंपरा का हिस्सा है। मुख्यमंत्री निवास में हरेली तिहार मनाए जाने को लेकर भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के त्योहार और परंपराएं हजारों साल पुरानी हैं।
बघेल ने कहा कि ‘छत्तीसगढ़ में महतारी की फोटो नहीं लगाना और विश्व आदिवासी दिवस पर सरकार की ओर से बधाई तक नहीं देना’ इसी बदलाव को दिखाता है।