
जानकारी के मुताबिक ट्रांसपोर्ट नगर, सारंगढ़ बस स्टैंड क्षेत्र निवासी धीरज कुमार नवीन (41) ने 2 अगस्त को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि ट्रेलर का इंजन बजरंग मोटर के अंदर था, जबकि उसका डाला उर्दना बैरियर से CMO तिराहा के बीच सड़क किनारे खड़ा था।
27 जुलाई की शाम करीब 4 बजे डाला वहां खड़ा किया गया था। अगले दिन सुबह डाला गायब मिला। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास पूछताछ के साथ CCTV फुटेज की जांच शुरू की। जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास लगे करीब 300 CCTV कैमरों के फुटेज को बारीकी से खंगाला गया। रात के अंधेरे के कारण वाहन की पहचान करना मुश्किल था, लेकिन पुलिस ने लगातार फुटेज की कड़ियां जोड़ते हुए अहम सुराग हासिल किया।
दूसरे ट्रेलर के इंजन से जोड़कर ले गए
CCTV फुटेज में चोरी किया गया डाला दूसरे ट्रेलर के इंजन से जोड़कर ले जाते हुए दिखाई दिया। डाला लेकर जा रहे ट्रेलर के आगे एक नीले रंग की कार भी चल रही थी, जो पायलेटिंग कर रही थी। पुलिस ने दोनों वाहनों के आने-जाने का पूरा रूट CCTV फुटेज के जरिए ट्रेस किया।
बाइपास और कच्चे रास्तों से पहुंचे रायपुर
जांच में पता चला कि आरोपियों ने पुलिस और CCTV से बचने के लिए मुख्य मार्ग और टोल नाकों का इस्तेमाल नहीं किया। वे डाला लेकर बाइपास और कच्चे रास्तों से रायपुर पहुंचे। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने वाहन को रायपुर के कबीरनगर क्षेत्र तक ट्रेस किया। इसके बाद RTO रिकॉर्ड से ट्रेलर मालिक की जानकारी जुटाई गई।
RTO रिकॉर्ड से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
RTO रिकॉर्ड के अनुसार ट्रेलर का मालिक जसविंदर सिंह उर्फ राहुल (26), निवासी बोइरदादर, मां बिहार कॉलोनी, चक्रधरनगर रायगढ़ मिला। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने अपने साथी पवनदीप सिंह (32), निवासी भगवानपुर और संदीप कुमार खत्री (29), निवासी मंगलूडीपा के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया।
रायपुर में 4.30 लाख में बेचा
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 27 जुलाई की रात करीब ढाई बजे चोरी किए गए डाले को ट्रेलर के इंजन में फंसाकर रायपुर ले गए थे। उन्होंने चोरी का डाला रायपुर निवासी हरचरण सिंह सरदार, मोहबा नगर, थाना कबीरनगर को 4 लाख 30 हजार रुपए में बेच दिया था।
हरचरण सिंह के कहने पर डाला इंजन समेत ग्राम बेलतरा, थाना रतनपुर, जिला बिलासपुर में रखा गया था। पुलिस ने ग्राम बेलतरा पहुंचकर चोरी गया डाला और इंजन बरामद कर लिया। इसकी अनुमानित कीमत करीब 13 लाख रुपए है।
कार और मोबाइल भी जब्त
पुलिस ने चोरी के दौरान पायलेटिंग में इस्तेमाल की गई नीले रंग की कार भी जब्त की है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए बताई गई है। कार आरोपी जसविंदर सिंह के पास से बरामद हुई। इसके अलावा वारदात को लेकर आरोपियों के बीच हुई बातचीत के आधार पर उनके मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
एक आरोपी पहले भी जा चुका है जेल
पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपी ड्राइविंग का काम करते हैं। उन्हें वाहनों और रास्तों की जानकारी थी, जिसका फायदा उठाकर उन्होंने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी संदीप कुमार खत्री करीब दो महीने पहले मोटरसाइकिल चोरी के मामले में जमानत पर बाहर आया था।
चोरी का डाला खरीदने वाला आरोपी हरचरण सिंह सरदार फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
SSP बोले- सुनियोजित अपराध भी पुलिस की नजर से नहीं बचेंगे
SSP शशि मोहन सिंह ने कहा कि संपत्ति संबंधी अपराधों में पुलिस की प्राथमिकता आरोपियों को पकड़ने के साथ चोरी हुए सामान की बरामदगी सुनिश्चित करना है। कोतवाली पुलिस ने सीमित सुराग के बावजूद करीब 300 CCTV फुटेज की बारीकी से जांच की और आरोपियों तक पहुंच बनाई।
चोरी गया ट्रेलर का डाला भी बरामद कर लिया गया है। अपराध कितना भी सुनियोजित क्यों न हो, अपराधियों का पुलिस की नजर से बचना आसान नहीं है।