छत्तीसगढ़ प्रदेश तीरंदाजी संघ ने प्रदेश में तीरंदाजी को बढ़ावा देने के लिए खिलाड़ियों को जरूरी खेल सामग्री और प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ प्रदेश तीरंदाजी संघ ने प्रदेश में तीरंदाजी को बढ़ावा देने के लिए खिलाड़ियों को जरूरी खेल सामग्री और प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। संघ अध्यक्ष कैलाश मुरारका ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र भेजकर बताया कि संघ करीब 30 वर्षों से खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए काम कर रहा है। संघ के अनुसार ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में तीरंदाजी की प्रतिभाएं हैं, जिन्हें बेहतर सुविधाएं मिलने पर आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।

संघ के मुताबिक राज्य, जिला, स्कूल और आदिवासी स्तर की प्रतियोगिताएं शुरू होने वाली हैं। इनके लिए आर्चरी स्टैंड, बट्स, टारगेट फेस, पिन सहित अन्य खेल सामग्री की जरूरत होगी। संघ खिलाड़ियों और संस्थाओं को यह सामग्री करीब 25 प्रतिशत रियायती दर पर उपलब्ध कराता है। जिला संघ, स्कूल, प्रशिक्षण केंद्र और खिलाड़ी जरूरत की सामग्री की जानकारी समय पर संघ को दे सकते हैं।

संघ अध्यक्ष ने बताया कि करीब 30 वर्षों में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों से भागीदारी शुल्क या प्रतियोगिता में भेजने के नाम पर राशि नहीं ली गई। उनके अनुसार यह व्यवस्था एनएमडीसी, एनटीपीसी, राज्य सरकार और अन्य सहयोगियों के सहयोग से चलती रही है। संघ का कहना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।

हर जिले में संसाधन और कोच की मांग

संघ ने कहा कि पदक के लिए प्रतिभा के साथ नियमित अभ्यास, प्रशिक्षित कोच, बेहतर खेल सामग्री और प्रतियोगिताओं का अनुभव जरूरी है। इसलिए हर जिले में तीरंदाजी के लिए जरूरी संसाधन और प्रशिक्षित कोच उपलब्ध कराने की मांग की गई है। संघ का मानना है कि इससे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के अधिक खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मौका मिलेगा।

सरकार से सहयोग की उम्मीद

संघ ने मुख्यमंत्री से तीरंदाजी के लिए आवश्यक खेल संसाधन और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। साथ ही संबंधित विभाग को इस दिशा में जरूरी पहल के निर्देश देने की मांग की है। संघ का लक्ष्य हर जिले से प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराना और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश के लिए अधिक पदक हासिल करना है।

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