
ED ने दोनों की रिमांड बढ़ाने के लिए आवेदन नहीं दिया। ऐसे में सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इधर, CGPSC घोटाले की जांच में अभ्यर्थियों को परीक्षा के पेपर मुहैया कराने के नाम पर लाखों रुपए लेने की बात सामने आई है।
ED के वकील सौरभ पांडेय के मुताबिक, उत्कर्ष चंद्राकर मामले में गिरफ्तार की भूमिका अभ्यर्थियों तक प्रीलिम्स और मेन्स के पेपर पहुंचाने से जुड़ी थी।
महिला कैंडिडेट ने बताया- प्रीलिम्स का पेपर 100% मैच हुआ
CGPSC मामले की जांच को लेकर सौरभ पांडेय ने बताया कि जांच के दौरान एक महिला कैंडिडेट का बयान दर्ज किया गया है। उसके मुताबिक, उसे प्रीलिम्स परीक्षा का पेपर पहले मुहैया कराया गया था। परीक्षा में पूछे गए 100 प्रतिशत सवाल उस पेपर से मैच हुए।
इसके बाद मेन्स परीक्षा का पेपर मुहैया कराने के नाम पर उससे करीब 70 लाख रुपए लिए गए। महिला को कथित तौर पर मेन्स का पेपर दिखाकर मुहैया कराया गया, लेकिन जब वास्तविक परीक्षा हुई तो वह पेपर मैच नहीं हुआ। सौरभ पांडेय के मुताबिक, जांच में ऐसे और अभ्यर्थियों से पैसे लिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
कई लोगों को भेजे गए समन
जांच के दौरान ऐसे लोगों को भी समन जारी किए गए हैं, जिनका मामले से सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ाव सामने आया है। हालांकि, जांच जारी होने के कारण अभी उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं।
सौरभ पांडेय ने बताया कि समन किए गए लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे। यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ ऐसा साक्ष्य मिलता है, जिसके आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ जरूरी हो, तो उसकी कस्टडी मांगी जाएगी।