
कार्रवाई सुपेला, भिलाई भट्ठी, भिलाई नगर थाना और एसीसीयू की टीम ने संयुक्त रूप से की। पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधों की जांच के दौरान ठगी की रकम जिन बैंक खातों में पहुंची, उनका बैंक लेनदेन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विश्लेषण किया गया। इस दौरान भिलाई भट्ठी, भिलाई नगर और सुपेला थाना क्षेत्र के कुछ खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से मिली रकम को आगे भेजने और खपाने में किए जाने की जानकारी मिली।
पासबुक, एटीएम, चेकबुक और सिम कार्ड दिए
जांच में सामने आया कि खाताधारकों ने कमीशन के लालच में अपने बैंक खातों से जुड़े जरूरी दस्तावेज और साधन दूसरे व्यक्तियों को उपलब्ध कराए थे। इनमें पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड शामिल हैं। इन खातों में साइबर ठगी से मिली रकम जमा होने के बाद उसे दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था। पुलिस ने बैंक लेनदेन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
तीन थानों में की गई कार्रवाई
8 सितंबर को पुलिस ने सुपेला थाना क्षेत्र के मामले में 3, भिलाई भट्ठी थाना क्षेत्र के मामले में 1 और भिलाई नगर थाना क्षेत्र के मामले में 2 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अपने या अन्य व्यक्तियों के बैंक खाते एजेंटों अथवा दूसरे लोगों के जरिए साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इसके बदले उन्हें कमीशन दिया जाता था।
खातों के साथ एटीएम, चेकबुक, पासबुक और सिम कार्ड भी उपलब्ध कराए जाते थे। इसके बाद साइबर ठगी की रकम इन खातों में मंगाकर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की जाती थी।
इन 6 आरोपियों पर कार्रवाई
पुलिस ने मोहन राम (50), निवासी घासीदास नगर जामुल; गजेन्द्र कुमार साहू (23), निवासी हिन्द नगर रिसाली; भीष्म लाल भारती (27), निवासी सांकरा कुम्हारी; ओम प्रकाश यादव (28), निवासी चिखली; देवरतन टंडन (39), निवासी शहीद वीर नारायण नगर खुर्सीपार और लोकनाथ वर्मा (29), निवासी सुपेला को गिरफ्तार किया है।
बैंकिंग दस्तावेज और मोबाइल जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग बैंक खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इसके अलावा बैंकिंग लेनदेन से जुड़े अन्य दस्तावेज भी पुलिस के हाथ लगे हैं। पुलिस इन खातों में हुए लेनदेन की जानकारी के आधार पर साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।