
दरअसल, छत्तीसगढ़ की बदहाल सड़कों को लेकर अलग-अलग जनहित याचिकाओं पर लगातार सुनवाई चल रही है। इसके साथ ही जर्जर सड़कों पर मीडिया में आई खबरों को भी हाईकोर्ट ने जनहित याचिका माना है। इन याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने पूर्व में NHAI और राज्य शासन को कई दिशानिर्देश जारी किया, जिस पर अब तक अमल नहीं किया जा सका है।
कोनी-मोपका बाईपास की समय-सीमा तय नहीं बुधवार को जनहित याचिकाओं की सुनवाई हुई। इस दौरान यह बात सामने आई कि 31 अगस्त 2026 के एक पत्र के संदर्भ में NHAI द्वारा बनाए जाने वाले कोनी-मोपका बाईपास प्रोजेक्ट को पूरा करने की कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं की गई है, जिस पर कोर्ट ने NHAI के अधिवक्ता को आवश्यक निर्देश लेकर आने को कहा है।
बिलासपुर-रायपुर रोड को लेकर भी मांगा जवाब इसके साथ ही मामले में नियुक्त न्यायमित्र ने 9 सितंबर 2026 को एक खबर का हवाला देते हुए बताया कि रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए NHAI को दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।
पीडब्ल्यूडी सचिव से मांगा स्टेटस रिपोर्ट वहीं, राज्य शासन की ओर से लोक निर्माण विभाग के सचिव ने शपथ पत्र पेश कर पूर्व के आदेश के तहत शहर और आसपास की चार प्रमुख सड़क प्रोजेक्ट की स्टेटस रिपोर्ट भी सौंपी। इस रिपोर्ट में 15.315 किलोमीटर लंबी पेंड्रीडीह चौक से नेहरू चौक सड़क, 14.40 किलोमीटर लंबी सीपत से बलौदा, कोरबा रोड, 2.50 किलोमीटर लंबी श्रीकांत वर्मा चौक से सीएमडी चौक लिंक रोड और 13.15 किलोमीटर लंबी भाटापारा-सिमरिया-चंदखुरी सड़क की स्थिति की जानकारी दी गई है।