छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में 41वें अंतरराष्ट्रीय चक्रधर समारोह के 7वें दिन कला, संगीत और संस्कृति की भव्य प्रस्तुतियों से समारोह स्थल देर रात तक गुलजार रहा

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के रायगढ़ में 41वें अंतरराष्ट्रीय चक्रधर समारोह के 7वें दिन कला, संगीत और संस्कृति की भव्य प्रस्तुतियों से समारोह स्थल देर रात तक गुलजार रहा। इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने महाराजा चक्रधर सिंह के छायाचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने समारोह में प्रस्तुति देने वाले प्रसिद्ध गायक अमित साना, रायगढ़ कथक घराने के हस्ताक्षर पद्मश्री रामलाल बरेठ, भूपेंद्र बरेठ और उनके सहयोगियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह का कला और संगीत के क्षेत्र में योगदान अमूल्य है।

उनका योगदान केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी कला-साधना और सांस्कृतिक विरासत की चमक पूरे विश्व में दिखाई देती है। महाराजा चक्रधर सिंह केवल एक कुशल प्रशासक ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने कला, संगीत और संस्कृति को सहेजने और उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण काम किया।

उन्होंने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह ने कथक की समृद्ध परंपरा को रायगढ़ घराने के रूप में स्थापित कर भारतीय शास्त्रीय नृत्य के क्षेत्र में रायगढ़ को विशिष्ट पहचान दिलाई।

रायगढ़ कथक शैली में बिखेरी लय, ताल और भाव की अनुपम छटा

पद्मश्री पं.रामलाल बरेठ के निर्देशन में गुरु भूपेंद्र बरेठ और सहयोगी कलाकारों ने शुद्ध कथक शैली की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। करीब 10 कलाकारों की सामूहिक प्रस्तुति में रायगढ़ कथक घराने की विशिष्टता, लयकारी, ताल पक्ष और भावाभिनय का सुंदर समन्वय देखने को मिला।

प्रस्तुति का शुभारंभ शिव वंदना से हुआ, जो राग शंकरा और तात चौतात में निबद्ध थी। कलाकारों ने अपनी सधी हुई नृत्य मुद्राओं, पद संचालन और भावपूर्ण अभिव्यक्ति से भगवान शिव की आराधना को मंच पर जीवंत कर दिया।

खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने बिखेरे शास्त्रीय नृत्य के रंग

इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के नृत्य संकाय के विद्यार्थियों ने ओडिसी, भरतनाट्यम और कथक की मनोहारी प्रस्तुतियों से मंच को शास्त्रीय नृत्य के विविध रंगों से सजा दिया। भाव, लय और ताल के सुंदर समन्वय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। संध्या की शुरुआत ओडिसी नृत्य विभाग के विद्यार्थियों ने ‘गणेश वंदना’ से की।

‘एकदन्तो लम्बोदरो विघ्नविनाशको देवः’ की भावपूर्ण प्रस्तुति में जया निर्मलकर, सुधा योजन, प्रज्ञा प्रसाद, मीरा वर्मा, दुर्गा प्रसाद, लीना धनकर और रिकी टुडू ने भगवान गणेश की आराधना को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया।

लखनऊ घराने की नजाकत ने मोहा मन

युवा कथक नृत्यांगना कुमारी अश्विका साव ने लखनऊ घराने की कथक शैली में मनोहारी एकल प्रस्तुति दी। भगवान शिव को समर्पित शिव वंदना में उन्होंने भाव, लय, तत्कार और नृत्य मुद्राओं के माध्यम से शंभू, शंकर, भोलेनाथ, नीलकंठ और नटराज स्वरूप की सुंदर अभिव्यक्ति प्रस्तुत की।

उनकी प्रस्तुति को दर्शकों ने तालियों से सराहा। डीपीएस एनटीपीसी कोरबा की छात्रा अश्विका साव गुरु रंजीत नायक के मार्गदर्शन में कथक का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।

इंडियन आइडल फेम अमित साना के सुरों पर झूम उठे लोग

इंडियन आइडल के पहले सीजन के उपविजेता और लोकप्रिय गायक अमित साना ने अपनी भावपूर्ण गायकी, मधुर आवाज और लोकप्रिय गीतों की शानदार प्रस्तुति से संगीतप्रेमियों को देर रात तक बांधे रखा।

जैसे ही उन्होंने मंच संभाला, समारोह स्थल तालियों की गूंज से भर उठा। अमित साना ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत ‘ओम शांति ओम’ और ‘अनजाने राहें हैं, अनजान मंजिल’ जैसे गीतों से की।

इसके बाद उन्होंने ‘दिल क्या करे किसी को प्यार हो जाए’, ‘चांदी जैसे रंग है तेरा’ और ‘तू पास है ऐसे, मेरे पास कोई एहसास हो जैसे’ जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया।

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