
झारखंड पुलिस संदिग्धों का लोकेशन ट्रेस कर रही थी। पुलिस की सूचना पर ओडिशा और छत्तीसगढ़ में नाकेबंदी कर वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान अंबिकापुर की मणिपुर थाना पुलिस ने चारों संदिग्ध शूटरों को हिरासत में लिया। इसके बाद झारखंड पुलिस जानकारी दी गई।
फिलहाल, झारखंड पुलिस अंबिकापुर पहुंच चुकी है। संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और गोलीकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें झारखंड पुलिस के हवाले किया जाएगा।
जानिए क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, शनिवार दोपहर करीब 1 बजे जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र में मरीन ड्राइव के पास स्थित रेस्टोरेंट में घुसकर युवकों ने झारखंड मुक्ति मोर्चा नेता और उनके साथियों पर 11 राउंड फायरिंग की। फायरिंग में जेएमएम के नेता डोमिनिक सैंमसंग समेत रिजवान, कृष्णा चौधरी और दिलशाद को गोली लगी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) भेजा। यहां सभी का इलाज चल रहा है। चारों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
ओडिशा के रास्ते भागे, अंबिकापुर में पकड़े गए
गोलीबारी के बाद आरोपी कार में सवार होकर फरार हो गए। झारखंड पुलिस संदिग्धों का लगातार लोकेशन ट्रेस कर रही थी। पुलिस ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ पुलिस को भी अलर्ट किया था। सोमवार सुबह मणिपुर थाना क्षेत्र में पुलिस टीम वाहनों की जांच कर रही थी।
इसी दौरान पुलिस ने एक अर्टिगा कार को रोककर तलाशी ली। कार में सवार चारों लोगों को हिरासत में लिया गया। इसकी सूचना झारखंड पुलिस को दी गई। बताया गया है कि आरोपी गोलीकांड के बाद ओडिशा फरार हो गए थे। वे ओडिशा से छत्तीसगढ़ में घुसे थे और झारखंड की ओर जा रहे थे।