
केंद्रीय जल आयोग की एडवाइजरी के बाद प्रशासन ने फिर अलर्ट जारी किया है। अपस्ट्रीम से पानी की आवक और जलाशयों से छोड़े जा रहे पानी के कारण आज 29 सितंबर की सुबह जगदलपुर में इंद्रावती का जलस्तर 60 सेंटीमीटर से एक मीटर तक और बढ़ सकता है। इंद्रावती नदी का खतरे का स्तर 8.3 मीटर है।
इसके मुकाबले नदी का जलस्तर 12.39 मीटर तक पहुंचने से तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई थी। बोड़ना और भेजापदर जैसे गांव पानी से घिर गए और सड़क संपर्क टूट गया। जगदलपुर शहर के कई निचले हिस्सों में भी पानी घुस गया। इसके बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया।
29 सितंबर की सुबह फिर बढ़ सकता है पानी
केंद्रीय जल आयोग, हैदराबाद की एडवाइजरी के मुताबिक ओडिशा के नवरंगपुर क्षेत्र में इंद्रावती नदी के ऊपरी हिस्से में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसका असर जगदलपुर तक पहुंचने की संभावना है। आयोग के अनुसार 29 सितंबर को जगदलपुर स्टेशन पर नदी का जलस्तर 60 सेंटीमीटर से एक मीटर तक बढ़ सकता है।
पानी तेजी से बढ़ने की भी आशंका जताई गई है। इसी इनपुट के बाद कलेक्टर आकाश छिकारा ने इंद्रावती नदी के तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से राहत शिविरों या सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने की अपील की है। अधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए भी कहा गया है।
833 लोगों का रेस्क्यू किया गया
पानी बढ़ने के बाद जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और अन्य बचाव दलों ने बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। एक दिन पहले 833 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इनमें 821 लोगों को नावों से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया, जबकि डोंगाघाट में फंसे 12 लोगों को हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया।