
बताया जा रहा है कि खराब मौसम, मूसलाधार बारिश और बिजली गुल होने का फायदा उठाकर नाबालिगों ने एक बैरक की खिड़की पूरी तरह उखाड़ दी और वहां से बाहर निकल गए। इसके बाद वे संप्रेक्षण गृह की दीवार फांदकर फरार हो गए।
हैरानी की बात यह है कि मेन गेट पर 2 सुरक्षाकर्मी तैनात थे, लेकिन उन्हें इस घटना की भनक तक नहीं लगी। फिलहाल, फरार नाबालिगों की तलाश शुरू कर दी गई है। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है।
बारिश और बिजली गुल होने उठाया फायदा
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे तेज बारिश के कारण बिजली गुल हो गई। इसी दौरान 11 नाबालिगों ने बैरक की खिड़की उखाड़ दी और वहां से फरार हो गए। नाबालिगों के फरार होने की जानकारी करीब 1 घंटे बाद कर्मचारियों को मिली।
इसके बाद तत्काल गांधीनगर थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रबंधन के अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई और फरार नाबालिगों की तलाश शुरू कर दी।
सरगुजा-सूरजपुर और कोरिया वाले हैं नाबालिग
बाल संप्रेक्षण गृह के हाउस फादर मनीष कुशवाहा ने बताया कि शाम को भोजन के बाद सभी बच्चे अपने-अपने कमरे में चले गए थे। कुछ बच्चे टीवी देख रहे थे। इसी दौरान तेज बारिश और गरज-चमक के बीच बिजली चली गई।
मौके का फायदा उठाकर कुछ नाबालिगों ने खिड़की उखाड़ दी और 11 फरार हो गए। जो कि सरगुजा, सूरजपुर और कोरिया जिले के रहने वाले हैं। उन्हें चोरी, लूट, दुष्कर्म और हत्या जैसे गंभीर अपराधों के अलग-अलग मामलों में बाल संप्रेक्षण गृह में रखा गया था।