प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के महिला संगठन शिवशक्ति लीडरशिप एप्रोच (SSLA) की ओर से ‘करुणामय शिवशक्ति नेतृत्व-शांति ही शक्ति है’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई

Chhattisgarh Crimesप्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के महिला संगठन शिवशक्ति लीडरशिप एप्रोच (SSLA) की ओर से ‘करुणामय शिवशक्ति नेतृत्व-शांति ही शक्ति है’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, माउंट आबू की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका डॉ. सुनीता दीदी, रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी सहित अन्य अतिथियों ने दीप जलाकर की।

कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी संस्था की संयुक्त मुख्य प्रशासिका ब्रह्माकुमारी सुदेश दीदी ने वीडियो संदेश के माध्यम से शांति का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने मन में शांति का भाव विकसित करना चाहिए। उन्होंने शांति के फूल को सकारात्मक सोच, शिक्षा, दूसरों को स्वीकार करने, शांत रहने और सहजता जैसे गुणों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि इन गुणों को जीवन में अपनाकर अपने घर को भी मंदिर जैसा बनाया जा सकता है।

महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने कहा कि शांति जीवन की बड़ी ताकत है। शांति से व्यक्ति कठिन से कठिन परिस्थिति का सामना आसानी से कर सकता है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था में आने पर मन को शांति मिलती है। ऐसे कार्यक्रम लोगों को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करते हैं, इसलिए इस तरह के कार्यक्रम लगातार होने चाहिए।

जीवन की घटनाओं को किया याद

ब्रह्माकुमारी डॉ. सुनीता दीदी ने महिलाओं को अपने जीवन की ऐसी घटनाओं को याद करने के लिए कहा, जिनमें उन्हें गुस्सा आया या किसी से बदला लेने का मन हुआ। ध्यान के माध्यम से उन्होंने शांति बनाए रखने का अभ्यास कराया। रोप एक्टिविटी में महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि शांति का अभ्यास करने से सामने वाले को माफ करने, उसके विचारों को समझने और करुणा के साथ व्यवहार करने की ताकत महसूस हुई।

कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने सभी का स्वागत किया। कु. शिवानी और कु. शीतल ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। संचालन ब्रह्माकुमारी सौम्या दीदी ने किया। कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी महिलाएं शामिल हुईं और शांति, सकारात्मक सोच व बेहतर नेतृत्व को लेकर अपने अनुभव साझा किए।

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