
ग्रामीणों का कहना है कि लोकल ट्रेनों के ठहराव बंद होने से आसपास के गांवों और भिलाई-3 क्षेत्र से रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर नौकरी, मजदूरी, व्यापार और पढ़ाई के लिए प्रतिदिन ट्रेन से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए लोकल ट्रेन महत्वपूर्ण साधन है। ठहराव बंद होने के बाद यात्रियों को दूसरे स्टेशनों तक जाने या वैकल्पिक साधनों का सहारा लेने की स्थिति बन रही है।
इसी समस्या को लेकर ग्रामीणों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है। प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग बंद किए गए लोकल ट्रेनों के ठहराव को तत्काल बहाल करना है। आंदोलन के दौरान रेलवे प्रशासन के समक्ष स्थानीय यात्रियों की समस्याओं और नियमित ट्रेन सुविधा की मांग रखी जाएगी।
सुरक्षा के लिए GRP-RPF रहेगी तैनात आंदोलन की सूचना के बाद रेलवे और पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया है। रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्र में जीआरपी और आरपीएफ के जवानों की तैनाती की जाएगी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की तैयारी है। पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल आंदोलन के दौरान स्टेशन परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौजूद रहेंगे।
रेल परिचालन प्रभावित होने की आशंका ग्रामीणों के रेल रोको आंदोलन के कारण रेल परिचालन प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है। यदि प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक पर पहुंचते हैं तो लोकल के साथ अन्य यात्री ट्रेनों के परिचालन पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में रेलवे प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। यात्रियों को भी कल सुबह भिलाई-3 क्षेत्र के स्टेशनों पर आवाजाही के दौरान संभावित बदलाव को ध्यान में रखने की जरूरत होगी। ग्रामीणों के आंदोलन के बाद अब नजर रेलवे प्रशासन की कार्रवाई और बंद ठहराव को लेकर लिए जाने वाले निर्णय पर है।