
गुरुवार को मंत्री अरुण साव अंबिकापुर से बलरामपुर के लिए पहुंचे और बलरामपुर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए। निर्माणाधीन नेशनल हाईवे 343 की दुर्दशा के कारण उन्हें अंबिकापुर से प्रतापपुर होते हुए डौरा-कोचली-सेमरसोत मार्ग से बलरामपुर ले जाया गया। अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर महान नदी के पुल पर गड्ढे देखकर मंत्री ने अपना काफिला रुकवा दिया।
भड़के मंत्री ने कहा-मुझे सड़क, ब्रिज देखने आना पड़ेगा
मंत्री अरुण साव ने पुल का निरीक्षण किया तो पुल के सरिये बाहर निकले हुए दिखाई दिए। पुल के लंबे सरियों को बाहर निकला देखकर मंत्री ने लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग के अधिकारी को जमकर फटकार लगाई। मंत्री साव ने कहा कि सैंक्शन में कोई दिक्कत नहीं है और कोई दूसरी परेशानी नहीं है तो सुधार क्यों नहीं करवा रहे हो।
मंत्री ने कहा कि इतने बड़े ब्रिज की दुर्दशा कर रखे हो, यह एक दिन में नहीं हुआ होगा। मुझे सड़क और ब्रिज देखने आना पड़ेगा। मंत्री ने पूछा कि इससे एक्सीडेंट होगा या नहीं, क्या एक्सीडेंट का इंतजार कर रहे हो। इस पर अधिकारी ने कहा कि सर, हो जाएगा।
रोज गुजर रही सैकड़ों गाड़ियां
नेशनल हाईवे-343 का निर्माण चल रहा है। इसके कारण चारपहिया वाहन, रात में चलने वाली यात्री बसें और बाइक सवार अंबिकापुर-प्रतापपुर-सेमरसोत मार्ग से आना-जाना कर रहे हैं। राजपुर के लोग भी गोपालपुर मार्ग से प्रतापपुर होते हुए अंबिकापुर पहुंच रहे हैं।
इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। इसके बावजूद पुल को इस तरह छोड़ दिया गया है कि यहां हादसे का खतरा बना हुआ है। बारिश के कारण प्रतापपुर-डौरा-सेमरसोत मार्ग भी कई जगह खराब हो गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, 22 किलोमीटर सड़क की मरम्मत के लिए राशि जारी हो चुकी है और टेंडर भी हो गया है। 15 अक्टूबर के बाद सड़क पर पेंच रिपेयरिंग का काम शुरू किया जाएगा। फिलहाल गड्ढों को भरने का काम शुरू कर दिया गया है।