
करीब 5 किलोमीटर तक धुआं ही दिखाई देता रहा। आग बुझाने के लिए भिलाई, रायपुर, राजनांदगांव, जेके लक्ष्मी, बीएसपी और जिला दमकल टीमों के 12 वाहन मौके पर पहुंचे। करीब 5 घंटे में आग पर काबू पाया गया। आग बुझाने में 12 सौ लीटर फोम और 50 हजार लीटर से अधिक पानी का इस्तेमाल किया गया।
दमकल विभाग के प्रवीण बारा ने बताया कि सुबह करीब 10.30 बजे आग लगने की सूचना मिली। इसके बाद दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। आग लगातार बढ़ती जा रही थी, इसलिए अन्य विभागों से समन्वय कर दमकल गाड़ियां बुलाई गई।
फैक्टरी में नेफ्थलीन की गोलियां (बॉल्स) बनाई जाती हैं। इनका उपयोग अलमारी आदि में कॉकरोच और अन्य कीड़ों से बचने में किया जाता है।
सुबह करीब 10:30 से 11 बजे के बीच फैक्ट्री में वेल्डिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान निकली चिंगारी केमिकल के संपर्क में आई और आग भड़क गई। आग फैलने से फैक्ट्री के अंदर से लगातार धमाकों की आवाजें आने लगीं। आशंका जताई गई कि तेज गर्मी के कारण केमिकल से भरे ड्रम फट रहे थे।
धमाकों और आग की तीव्रता को देखते हुए दमकलकर्मियों के लिए फैक्ट्री के अंदर जाकर आग बुझाना बेहद मुश्किल हो गया। आसपास की कंपनियों ने भी पानी उपलब्ध कराकर राहत कार्य में मदद की।