
सुसाइड से पहले लिनेश ने यह भी आरोप लगाया था कि धर्म परिवर्तन नहीं करने पर उसे अपने बच्चे से दूर रखा जाता था। दो साल बाद कोर्ट ने इस मामले में उसकी पत्नी, सास-ससुर और दो सालियों को 5-5 साल की जेल की सजा सुनाई है। पांचों पर 500-500 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ा है। मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र का है।
घर में फांसी लगाकर की थी आत्महत्या
दरअसल, पोटियाडीह गांव का रहने वाला लिनेश साहू (30 साल) टेलरिंग का काम करता था। लिनेश की शादी रायपुर की करुणा साहू से हुई थी। शादी के बाद करीब एक साल तक दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य रहा। इस दौरान उनका एक बच्चा भी हुआ।
इसी बीच 7 दिसंबर 2024 को लिनेश साहू ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों ने देखा तो युवक फांसी के फंदे में लटक रहा था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
घटना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची और जांच शुरू की। जब पुलिस ने मोबाइल खंगाला तो उसके वॉट्सऐप स्टेटस में मैसेज था, जिसमें पत्नी और ससुराल वालों से परेशान होने की बात लिखी थी।
लिखा- बीवी से परेशान हो गया हूं
लीनेश साहू ने सुसाइड से पहले अपने WhatsApp स्टेटस पर लिखा था कि, मैं अपनी बीवी से परेशान हो गया हूं। मुझे धर्म परिवर्तन करने के लिए बहुत ज्यादा परेशान करती है। ईशा मसीह, ईशा मसीह करके रात भर परेशान करती है।
सब मुझे धर्म परिवर्तन के लिए परेशान करते
इसके आगे स्टेटस में लिखा था- ससुराल जाता हूं तो उसकी मां, बड़ी बहन, छोटी बहन सब मुझे धर्म परिवर्तन के लिए परेशान करते हैं। कहते हैं तू आ जा फिर तेरे मां-पापा को भी मना लेंगे। इसलिए वहां (ससुराल में) कभी खाना नहीं खाया।
वह कभी प्यार से बात नहीं करती थी
आगे लिखा था- पहले से ही वे उन लोगों ने बहुत झूठ बोला है। पत्नी 8th क्लास तक पढ़ी है और 12th बताया गया। मैं हफ्ते में जितना कमाता हूं मेरी बीवी को दे रहा था, लेकिन वह कभी प्यार से बात नहीं करती थी।
धर्म परिवर्तन नहीं करने पर बच्चे से दूर रखने का आरोप
परिजनों की शिकायत और पुलिस जांच में धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप सामने आए थे। जांच के दौरान यह भी पता पता चला कि लिनेश के ईसाई धर्म नहीं अपनाने पर उसे अपने बच्चे से दूर रखा जाता था।
वॉट्सऐप मैसेज को माना गया अहम सबूत
पुलिस ने जांच के दौरान लिनेश का मोबाइल फोन जब्त किया था। उसमें मिले वॉट्सऐप स्टेटस और मैसेज को मामले में अहम सबूत माना गया। इन्हीं मैसेज और दूसरे सबूतों के आधार पर पुलिस ने पत्नी समेत ससुराल पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
लोक अभियोजक गीतेश प्रजापति के मुताबिक, लिनेश की शादी रायपुर की करुणा साहू से हुई थी। शादी के बाद करीब एक साल तक दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य रहा। इस दौरान उनका एक बच्चा भी हुआ। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि बाद में पत्नी और ससुराल वालों ने लिनेश पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया था।
भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत सजा
लोक अभियोजक ने बताया कि अदालत ने पांचों आरोपियों को दोषी मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत 5-5 साल के कारावास और 500-500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। करीब दो साल पुराने इस मामले में फैसले के बाद यह मामला फिर चर्चा में है।