
समिति के अध्यक्ष दीपक भारद्वाज ने कहा कि किसी व्यक्ति की गलती या अपराध से उसके सुधरने और बेहतर जीवन जीने की संभावना खत्म नहीं हो जाती। समाज को न्याय के प्रति सम्मान बनाए रखने के साथ सुधार और पुनर्वास की भावना को भी महत्व देना चाहिए। समिति का मानना है कि बंदियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार समाज में मानवीय मूल्यों को मजबूत करता है।
पहले भी कर चुके है फल वितरण
समिति के अनुसार, वह पहले भी कई बार जेल में बंदियों को फल वितरित कर चुकी है। समिति का मानना है कि नवरात्रि केवल पूजा-पाठ और उपवास का पर्व नहीं, बल्कि सेवा, करुणा और सद्भावना को अपनाने का अवसर भी है। इसी भावना के साथ बंदियों तक फल पहुंचाए गए।
सेवा कार्यों को आगे भी जारी रखने का संकल्प
समिति ने कहा कि, समाज में सेवा, सद्भावना और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। कार्यक्रम में अशोक त्रिपाठी, गुड्डू, सुनील प्रमुख, राजू भाई तारवानी और रामकृष्ण धीवर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।