त्योहारी सीजन में मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच राजधानी में खाद्य सुरक्षा से खिलवाड़ का बड़ा मामला सामने आया

Chhattisgarh Crimesत्योहारी सीजन में मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच राजधानी में खाद्य सुरक्षा से खिलवाड़ का बड़ा मामला सामने आया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक दीपक अग्रवाल के नेतृत्व में विभागीय टीम ने शनिवार को शहर के चार प्रमुख प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया।

इस दौरान तेलीबांधा की तीन मिठाई दुकानों में मिठाइयों पर मरे हुए कॉकरोच, कीड़े और बाल रेंगते मिले, जबकि चाशनी में फफूंद व जाले पाए गए। गंभीर अनियमितताएं मिलने पर विभाग ने चारों प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर उन्हें कम से कम तीन दिन तक दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

जांच के दौरान तेलीबांधा स्थित न्यू जनता स्वीट्स में मिठाई बनाने वाली जगह पर भारी गंदगी मिली। यहां दीवारों से रंग उखड़ रहा था, फ्रीजर में पुरानी मिठाइयां ठूंसकर रखी थीं और कई खाद्य सामग्रियां खुले में पड़ी थीं।

मां अंबे स्वीट्स में चाशनी पर मकड़ी के जाले लगे थे, परिसर में गंदे कपड़े पड़े थे और मिठाइयों के बीच मरे हुए कॉकरोच व कीड़े मिले। वहीं, स्वीट हट एंड बेकरी के कोल्ड स्टोरेज में गंदगी के बीच रखी चमचम मिठाई में कीड़े पाए गए, सीढ़ियों पर पान-गुटखा थूकने के निशान थे और खाद्य सामग्री असुरक्षित रूप से खुली रखी थी।

पचपेड़ी नाका स्थित रायपुर ढाबा के किचन और बर्तन धोने वाली जगह पर भी भारी गंदगी मिली, इडली बनाने की मशीनें खराब हालत में थीं और पनीर की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई।

कार्रवाई के तहत टीम ने मौके पर ही करीब 150 किलोग्राम विभिन्न प्रकार की मिठाइयां और 10 किलोग्राम पनीर नष्ट कराया। इसके अलावा रायपुर ढाबा से लगभग 50 किलोग्राम संदिग्ध पनीर जब्त किया गया। विभाग ने खोवा, कुंदा, पनीर, बूंदी, बेसन के लड्डू, कलाकंद और छेना मिठाइयों समेत विभिन्न खाद्य पदार्थों के 12 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।

अधिकारियों के अनुसार 14 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है, जिसके आधार पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ न्यायालयीन कार्रवाई की जाएगी।

गंदगी मिले तो यहां करें शिकायत

त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता पर ध्यान दें। दुकानों में गंदगी, दूषित खाद्य सामग्री या अन्य अनियमितता मिलने पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की हेल्पलाइन 9340597097 पर शिकायत कर सकते हैं। लाइसेंस निलंबित दुकानों को कमियां दूर कर पालन प्रतिवेदन देना होगा। सुधार नहीं होने पर विभाग निलंबन की अवधि बढ़ा सकता है।

कमियां दूर करने के बाद ही खुल सकेंगी दुकानें विभाग ने चारों प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर संचालकों को कम से कम तीन दिन तक दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान उन्हें साफ-सफाई और अन्य कमियों को दूर कर पालन प्रतिवेदन देना होगा। सुधार नहीं होने पर निलंबन की अवधि बढ़ाई जा सकती है।

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