
जानकारी के मुताबिक, वार्ड क्रमांक 12 निवासी आमोद गोस्वामी की बहन गीता गोस्वामी रविवार रात करीब 9 बजे खाना खाने के बाद छत पर बने कमरे में सोने चली गई थी।
सोमवार सुबह घर के सदस्य मंदिर गए थे। इसी दौरान आमोद गोस्वामी ने अपनी पोती को छत पर भेजा और बुआ दादी को चाय पीने के लिए उठाने को कहा। बच्ची को कमरे से कोई जवाब नहीं मिला।
उसने नीचे आकर परिजनों को बताया। आमोद गोस्वामी छत पर पहुंचे। दरवाजा बंद होने पर उन्होंने खिड़की से देखा, जहां गीता गोस्वामी का शव फांसी पर लटका था।
बताया जा रहा है कि गीता गोस्वामी लंबे समय से शारीरिक परेशानी से जूझ रही थी और चलने-फिरने में असमर्थ थी। घटना के कारणों का पता नहीं चला है। पुलिस जांच के बाद ही अन्य परिस्थितियां साफ कर पाएगी।