
बिजली कंपनी के मुताबिक, सोलर प्लांट लगाने से कई उपभोक्ताओं की बिजली खपत का स्लैब नीचे आया है। इससे उन्हें बिजली बिल में कमी के साथ सब्सिडी वाली योजनाओं का लाभ लेने का मौका भी मिल रहा है। प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अब तक 1 लाख 11 हजार 713 सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। कंपनी का दावा है कि रोजाना 500 से अधिक नए प्लांट स्थापित हो रहे हैं। इनमें 35 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं के बिजली बिल शून्य आ रहे हैं। योजना के तहत 3 किलोवाट क्षमता तक के सोलर प्लांट पर केंद्र सरकार से अधिकतम 78 हजार और राज्य सरकार से 30 हजार रुपए तक की सब्सिडी का प्रावधान है।
400 यूनिट पार करने वालों को भी राहत
मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना के तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट की खपत पर 50 प्रतिशत छूट दी जाती है। ऐसे में 400 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ता इस योजना के दायरे से बाहर रहते हैं। बिजली कंपनी के अनुसार, सोलर प्लांट लगाने से ऐसे कई उपभोक्ताओं की ग्रिड से ली जाने वाली बिजली कम हुई है और वे कम खपत वाले स्लैब में आ रहे हैं। इससे उन्हें बिल घटाने के साथ पात्रता के अनुसार ऊर्जा राहत योजना का लाभ लेने का अवसर मिल रहा है।
एक साल में बदला खपत का गणित
जुलाई 2025-26 की तुलना में जुलाई 2026-27 में 200 से 400 यूनिट खपत वाले उपभोक्ता 6.85 लाख से बढ़कर 7.34 लाख हो गए। इस श्रेणी में 49 हजार उपभोक्ताओं की वृद्धि हुई। दूसरी ओर, 400 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं की संख्या 15 हजार घटी। कंपनी का कहना है कि सोलर प्लांट से बिजली की खपत कम होने के कारण कुछ उपभोक्ता ऊंचे स्लैब से नीचे आए हैं। हालांकि, इन आंकड़ों में बदलाव के पीछे सोलर प्लांट का कितना योगदान है, इसका अलग से विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।