
राज्योत्सव में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और विभागीय उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। विभिन्न विभागों के स्टॉल के माध्यम से महिला स्वावलंबन, युवा कौशल विकास, ग्रामीण समृद्धि, औद्योगिक प्रगति और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। कलेक्टर ने आयोजन से दो दिन पहले स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। उन्होंने बैठक व्यवस्था, पेयजल, बिजली, ध्वनि विस्तारक यंत्र, पार्किंग, सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं सहित सभी जरूरी इंतजाम समय पर पूरे करने के निर्देश दिए थे।
राज्योत्सव में शाम 8 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। सबसे पहले श्री चक्रधर संगीत महाविद्यालय, रायगढ़ के कलाकार गणेश वंदना पर नृत्य प्रस्तुति देंगे। इसके बाद आयत कथक एकेडमी की ओर से रामकथा समूह नृत्य, श्री चक्रधर बालिका गृह की ओर से नशामुक्त भारत पर आधारित नृत्य और ओपी जिंदल स्कूल की ओर से बिहू व छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य प्रस्तुत किया जाएगा।
इसके अलावा शासकीय कन्या आश्रम गोढ़ी (तमनार) के कलाकार आदिवासी करमा नृत्य, कार्मेल इंग्लिश मीडियम स्कूल के कलाकार राजस्थानी लोकनृत्य और जिंदल चिल्ड्रन होम, तमनार के कलाकार शिव तांडव की प्रस्तुति देंगे।
पंथी नृत्य और छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत भी होगा आकर्षण
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में वैष्णव संगीत महाविद्यालय की ओर से देवस्तुति और सेंट टेरेसा इंग्लिश मीडियम स्कूल की ओर से पहाड़ी नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही पायल मानिकपुरी और समूह नृत्य नाद, शेखर गिरी और समूह पंथी नृत्य तथा हुतेन्द्र शर्मा और समूह छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य व लोकसंगीत की प्रस्तुति देंगे।
इन प्रस्तुतियों के जरिए देश के अलग-अलग क्षेत्रों की लोकपरंपराओं के साथ छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ राज्योत्सव की शाम का समापन होगा।