
ऐसे में प्रशासन कभी भी कार्रवाई कर सकता है। इससे पहले मुहर्रम की छुट्टी के बावजूद शुक्रवार रात करीब 8 बजे राजस्व विभाग की टीम पुलिस के साथ गांव पहुंची थी। अधिकारियों ने वार्ड 16 और 17 के घरों पर बेदखली का नोटिस चस्पा किया। नोटिस मिलते ही ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया।
प्रशासन का कहना है कि जिन जमीनों पर मकान बने हैं, वे सरकारी भूमि हैं और उन पर अवैध कब्जा किया गया है। इसी वजह से लोगों को जमीन खाली करने का नोटिस दिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे कई सालों से यहां रह रहे हैं। यह जमीन नकटी गांव का ही हिस्सा है। यहां कई परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान भी मिले हैं। ऐसे में अब इस जमीन को कब्जा बताकर बेदखल करना गलत है।
48 घरों पर कार्रवाई की तैयारी
ग्रामीणों के अनुसार वार्ड 16 और 17 में करीब 48 घर हैं। पहले यह जमीन गांव की निस्तारी भूमि थी, लेकिन समय के साथ यहां लोग बस गए। बाद में यह इलाका गांव की आबादी में शामिल हो गया।
अब प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए इस जमीन को भी योजना में शामिल किया गया है। इसी कारण प्रशासन यहां से लोगों को हटाने की तैयारी कर रहा है।
पिछले साल भी हुआ था विरोध
यह पहली बार नहीं है, जब बेदखली की कार्रवाई की जा रही है। पिछले साल भी जिला प्रशासन ने इन परिवारों को नोटिस देकर हटाने की कोशिश की थी। उस समय ग्रामीणों के विरोध और जनप्रतिनिधियों के समर्थन के बाद कार्रवाई रोक दी गई थी।
अब एक बार फिर नोटिस जारी होने और भारी पुलिस बल की तैनाती से पूरे गांव में तनाव का माहौल है। लोग अपने घरों को लेकर चिंतित हैं।