
जांच के दौरान बिना पंजीयन बताशा बनाने और बूंदी की मिठाई में केमिकल युक्त अखाद्य रंग इस्तेमाल करने का मामला सामने आया। टीम ने चांटीडीह के मेला पारा में 110 किलो बताशा और चकरभाठा में 22 किलो बूंदी मौके पर ही नष्ट कराई। वहीं, बिना वैध पंजीयन के बताशा बनाने वाली फर्म को तत्काल बंद करा दिया गया।
बिना पंजीयन चल रही निर्माण इकाई बंद की गई
खाद्य-औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने बुधवार को चांटीडीह के मेला पारा में वीर जायसवाल के बताशा निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि यहां गंदगी के बीच अस्वच्छ वातावरण में बताशे बनाए जा रहे थे।
वहीं, निर्माण के लिए जरूरी पंजीयन भी नहीं कराया गया था। इसे जनस्वास्थ्य के लिए खतरा मानते हुए अधिकारियों ने मौके पर मौजूद 110 किलो बताशे नष्ट करा दिए। साथ ही निर्माण इकाई को तत्काल बंद करा दिया।
पहले भी हुई थी कार्रवाई, फिर भी नियमों की अनदेखी
इससे पहले भी खाद्य विभाग ने चांटीडीह और शनिचरी स्थित बताशा दुकानों पर कार्रवाई की थी। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी जारी रही। बुधवार की कार्रवाई में अभिहित अधिकारी आरआर देवांगन, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी खीरसागर पटेल और खाद्य सुरक्षा अधिकारी अविषा मरावी व प्रतीक तिवारी शामिल रहे।
चकरभाठा में 22 किलो बूंदी नष्ट कराई
टीम ने चकरभाठा स्थित उधमदास खेमचंद मिठाई वाला प्रतिष्ठान के किचन की जांच की। इस दौरान बूंदी बनाने में नॉन फूड ग्रेड कलर यानी अखाद्य रंग का इस्तेमाल पाया गया। खाद्य पदार्थों में ऐसे रंग का इस्तेमाल सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। टीम ने मौके पर ही 22 किलो बूंदी नष्ट करा दी।
सैंपल जांच के लिए भेजे, रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
टीम ने चिंगराजपारा स्थित एक अन्य बताशा निर्माण फर्म का निरीक्षण किया। हालांकि, वहां निर्माण कार्य बंद मिला। इसके अलावा संदिग्ध प्रतिष्ठानों से बेसन के लड्डू और बताशे के नमूने लेकर जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा-मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
कई प्रतिष्ठानों से लिए सैंपल
कार्रवाई के दौरान टीम ने चिंगराजपारा स्थित एक अन्य बताशा निर्माण फर्म का भी निरीक्षण किया। हालांकि, टीम के पहुंचने के समय वहां निर्माण कार्य बंद मिला।
इसके अलावा अन्य संदिग्ध प्रतिष्ठानों से बेसन के लड्डू और बताशे के नमूने लिए गए। इन्हें गुणवत्ता की जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है।
संयुक्त जांच दल में अभिहित अधिकारी आरआर देवांगन, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी खीरसागर पटेल सहित विभाग के अन्य अधिकारी शामिल रहे।