
10 दिन पहले भी इसी गांव में भालू पानी की टंकी पर चढ़ गया था और कुछ घंटे बाद पहुंचे तेंदुए ने घर के बाहर बैठी एक महिला पर हमला कर दिया था। इस घटना में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी।
वन्यप्राणियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने अपील की है कि लोग अकेले जंगल या सुनसान रास्तों पर न जाएं। शाम होने के बाद घरों से बाहर निकलने और जंगल की ओर जाने से बचें। बच्चों को भी अकेले घर से बाहर न जाने दें।
10 दिन पहले भालू टंकी पर चढ़ा, फिर तेंदुए ने महिला पर किया हमला
जानकारी के मुताबिक, करीब 10 दिन पहले बिरगुड़ी गांव में शाम के समय एक भालू पानी की टंकी पर चढ़ गया था। उसे देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। करीब दो घंटे तक टंकी पर रहने के बाद भालू खुद ही नीचे उतर आया।
इस घटना के कुछ घंटे बाद देर रात गांव में एक तेंदुआ पहुंच गया। उसने घर के बाहर बैठी महिला शांति बाई मरकाम (45) पर हमला कर दिया। तेंदुए के हमले में महिला की गर्दन पर गहरी चोट आई। ग्रामीणों ने शोर मचाकर तेंदुए को भगाया और वन विभाग को सूचना दी। घायल महिला का धमतरी जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पहले भी कई लोगों पर कर चुका है हमला
पिछले दिनों तेंदुए ने कारीपानी, बस्तर बुडरा और आमानारा गांव में कई लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इसके अलावा आसपास के अलग-अलग गांवों में भी तेंदुआ और भालू दिखाई देने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। तेंदुए द्वारा मवेशियों का शिकार करने की घटनाएं भी हुई हैं।
लगातार हो रही इन घटनाओं से वनांचल के ग्रामीणों में डर बना हुआ है। लोगों को चिंता है कि कहीं वन्यप्राणी फिर किसी पर हमला न कर दें।