
महिला को इसका पता तब चला, जब मोबाइल ठीक कराने के बाद उसने फोन-पे से भुगतान करने के लिए बैंक खाते का बैलेंस चेक किया। शिकायत पर पेंड्रा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दिए आवेदन में प्रार्थिया रेखा आर्मो ने बताया कि वह घरेलू कार्य करती हैं। 16 अक्टूबर को उनका मोबाइल फोन बार-बार बंद और चालू हो रहा था। इसके बाद उन्होंने मोबाइल सेंटर जाकर फोन ठीक कराया। मोबाइल ठीक होने के बाद जब उन्होंने फोन-पे से भुगतान करने के लिए बैंक खाते की जांच की, तब खाते से रकम निकाले जाने की जानकारी मिली।
तीन बार में अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हुए रुपए
प्रार्थिया के अनुसार, उनके पंजाब नेशनल बैंक खाते से 15 अक्टूबर की शाम को बिना जानकारी के 95 हजार रुपए एक यूपीआई धारक के खाते में ट्रांसफर हो गए। इसके अलावा 5 हजार रुपए किसी अन्य खाते में भेजे गए।
अगले दिन 16 अक्टूबर को शाम करीब 5:58 बजे युवराज नाम के यूपीआई धारक के खाते में भी रकम ट्रांसफर की गई। इस तरह कुल 1 लाख 70 हजार रुपए की ठगी हुई।
साइबर हेल्पलाइन 1930 पर की शिकायत
ठगी का पता चलने के बाद महिला ने 16 अक्टूबर को ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पेंड्रा थाने में लिखित आवेदन दिया।
पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और संबंधित यूपीआई खातों की जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।