
विधायक घर-घर जाकर लोगों से मुलाकात करेंगे, टाउनशिप की बसाहट बचाने के लिए जनसमर्थन जुटाएंगे और जिन परिवारों को मकान खाली करने के नोटिस मिले हैं, उनसे सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानेंगे।
देवेंद्र यादव का कहना है कि 6 महीने पहले भिलाई सत्याग्रह आंदोलन के दौरान बीएसपी प्रबंधन ने आश्वासन दिया था कि सेक्टर-9 अस्पताल को न तो बेचा जाएगा और न ही किसी निजी संस्था को लीज पर दिया जाएगा।
साथ ही टाउनशिप और मैत्री बाग की मौजूदा व्यवस्था को भी सुरक्षित रखने का भरोसा दिया गया था। उनका आरोप है कि इतने समय बाद भी इस संबंध में कोई स्पष्ट निर्णय सामने नहीं आया है। वहीं लगातार मकान खाली करने के नोटिस मिलने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
नोटिस पाने वाले परिवारों से करेंगे सीधी बातचीत
विधायक ने कहा कि वे उन सभी परिवारों से मिलेंगे, जिन्हें बीएसपी की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। लोगों से चर्चा कर उनका समर्थन लिया जाएगा और उसके आधार पर इस मुद्दे को बड़े जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और गांधीवादी तरीके से चलाया जाएगा।
देवेंद्र यादव ने कहा कि भिलाई केवल एक औद्योगिक शहर नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से आए लोगों की सालों पुरानी बसाहट और साझा संस्कृति की पहचान है। यहां रहने वाले हजारों परिवारों का जीवन इस टाउनशिप से जुड़ा है। ऐसे में किसी भी परिवार को जबरन मकान खाली करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर इस लड़ाई को हर स्तर तक ले जाया जाएगा।
6 महीने पहले भी किया था आंदोलन
करीब 6 महीने पहले विधायक ने भिलाई सत्याग्रह आंदोलन के माध्यम से इस मुद्दे को उठाया था। वहीं कुछ दिन पहले सेक्टर-5 स्थित अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने टाउनशिप के लाइसेंस आवास, लीज रजिस्ट्रेशन और रेंट रिटेंशन स्कीम से जुड़े मामलों को भी प्रमुखता से उठाया था।
उन्होंने कहा था कि लाइसेंस वाले मकानों के नवीनीकरण (रिन्यूअल) पर रोक, लीज रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में देरी और लगातार जारी हो रहे नोटिसों के कारण हजारों परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर पहले भी आंदोलन किया गया था, जिसे बीएसपी प्रबंधन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया था।
10 हजार से अधिक परिवारों के प्रभावित होने का दावा
देवेंद्र यादव का दावा है कि इस पूरे मामले से 10 हजार से अधिक परिवार प्रभावित हो सकते हैं। लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि भविष्य में टाउनशिप के बड़े हिस्से को खाली कराकर निजी संस्थाओं या बिल्डरों को सौंपा जा सकता है।
हालांकि, इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इन चर्चाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। विधायक ने कहा कि उनकी टीम हर उस घर तक पहुंचेगी, जहां नोटिस भेजा गया है। लोगों से चर्चा करने के बाद उनके समर्थन के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।