
फेडरेशन का कहना है कि युक्तियुक्तकरण (रैशनलाइजेशन) और संकुल व्यवस्था लागू होने के बाद ज्यादातर प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूलों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में अलग-अलग स्कूलों की अलग-अलग टाइमिंग होने से पढ़ाई और प्रशासनिक काम में दिक्कत हो रही है। इसलिए सभी स्कूलों का समय एक जैसा किया जाए।
फेडरेशन ने कहा है कि प्राचार्य, शिक्षक और कर्मचारी पढ़ाई के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का काम, ऑनलाइन एंट्री, परीक्षा, वित्तीय और प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी संभालते हैं। इसके अलावा संकुल स्तर की बैठकों में भी शामिल होना पड़ता है। अलग-अलग स्कूलों की अलग-अलग टाइमिंग होने से इन सभी कामों को समय पर करना मुश्किल हो जाता है।
शनिवार को मॉर्निंग शिफ्ट से काम होगा आसान
फेडरेशन का कहना है कि अगर शनिवार को हायर सेकेंडरी स्कूल भी सुबह की पाली में चलें और सभी स्कूलों का समय एक जैसा हो जाए, तो बच्चों की पढ़ाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन को बैठकें करने, रिपोर्ट तैयार करने, प्रशासनिक काम निपटाने और अगले सप्ताह की पढ़ाई की योजना बनाने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा।
शिक्षा विभाग से जल्द फैसला लेने की मांग
फेडरेशन ने शिक्षा सचिव से मांग की है कि हायर सेकेंडरी स्कूलों में भी शनिवार को मॉर्निंग शिफ्ट की अनुमति दी जाए। साथ ही प्राथमिक, माध्यमिक और हायर सेकेंडरी स्कूलों की टाइमिंग एक जैसी करने के लिए जल्द जरूरी आदेश जारी किए जाएं।