
यह दूसरी बार है, जब इसी मामले में पुलिस विभाग का वाहन कुर्क किया गया है। इससे पहले कैदियों को ले जाने वाला पुलिस का डग्गा वाहन भी जब्त किया जा चुका है।
हाईकोर्ट ने दिया था भुगतान का आदेश
यह मामला एमएसी क्रमांक 154/2021 से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने 3 सितंबर 2025 को नारायण यादव और अन्य के पक्ष में फैसला देते हुए गृह विभाग को ब्याज सहित करीब 48 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था।
भुगतान नहीं होने पर दायर हुई याचिका
समय पर राशि नहीं मिलने पर पीड़ित पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.के. पटेल ने जिला मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में निष्पादन याचिका दायर की। इसी पर सुनवाई के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने वाहन कुर्क करने का आदेश दिया।
अन्य वाहनों पर भी हो सकती है कार्रवाई
बताया जा रहा है कि निष्पादन याचिका में पुलिस विभाग के अन्य वाहनों का भी जिक्र है। अगर जल्द मुआवजे की राशि जमा नहीं की गई, तो दूसरे वाहनों की भी कुर्की हो सकती है।