
थाना प्रभारी तोप सिंह नवरंग ने बताया कि बुधवार को पुलिस को जानकारी मिली कि मोहभट्ठा के पास एक लावारिस स्कूटी मिली है। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। स्कूटी की डिक्की में उसकी चाबी मिली। वाहन नंबर के आधार पर पुलिस ने प्रीति के भाई से संपर्क किया। पूछताछ के बाद पता चला कि उन्होंने स्कूटी को अपनी बहन प्रीति को दिया दे दिया था।
पत्नी लापता, किसी ने नहीं दर्ज कराई गुमशुदगी की सूचना पुलिस की पूछताछ में पता चला कि प्रीति जॉन (43) का पति प्रियेश जॉन बलौदाबाजार जिले में ट्रैफिक थाना प्रभारी है। पुलिस ने बुधवार को गाड़ी की चाबी प्रितेश को सौंप दी। लेकिन, प्रीति का कुछ पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस ने प्रीति की तलाश शुरू की। जिस जगह पर स्कूटी मिली है, उससे करीब 5 किलोमीटर दूर बेलटुकरी-पथर्रा घाट के पास शिवनाथ नदी में उसकी लाश मिली। प्रीति 12 जुलाई से लापता थीं। शव काफी हद तक डिकंपोज हो चुका था। हैरानी की बात है कि किसी परिजन ने उसकी गुमशुदगी की जानकारी पुलिस को नहीं दी थी।
क्षति-विक्षत हालत में मिला शव थाना प्रभारी तोप सिंह नवरंग ने बताया कि शव पुराना होने के कारण काफी हद तक डिकंपोज हो चुका था। डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी पुलिस को नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।
छह महीने से अलग रह रहे थे पति-पत्नी, खुदकुशी करने की आशंका बताया जा रहा है कि एसआई प्रियेश जॉन बलौदाबाजार पुलिस लाइन में रहते हैं। करीब छह महीने पहले पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद प्रीति जॉन बिलासपुर के तिफरा स्थित आश्रय दत्त क्षेत्र में रहने लगी थीं। बताया गया कि दोनों के बीच बातचीत भी बंद थी। पति से विवाद के चलते महिला के खुदकुशी करने की आशंका जताई जा रही है।
मोबाइल नहीं मिला, मिलने के बाद खुलेंगे राज पुलिस के मुताबिक प्रीति जॉन का मोबाइल फोन अब तक बरामद नहीं हुआ है। न स्कूटी से और न ही शव के पास से मोबाइल मिला। पुलिस आत्महत्या के साथ ही दुर्घटना और अन्य सभी संभावित पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। जांच अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल मिलने से घटना की परिस्थितियों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।