
इस दौरान पुलिस के साथ उनकी झड़प भी हुई। कांग्रेसियों ने प्रधानमंत्री आवास और पट्टा नहीं मिलने सहित शहर में डेढ़ साल से विकास कार्य ठप होने का आरोप लगाते हुए महापौर पर गंभीर आरोप लगाए।
पार्षद दल सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए नगर निगम का घेराव किया। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए करीब 12 फीट ऊंचा बैरिकेड लगाया था। कांग्रेसियों ने बैरिकेड लांघकर निगम के मुख्य गेट पर पहुंचने की कोशिश की, जहां उनकी पुलिस से धक्का-मुक्की हुई।
पार्षदों और कांग्रेसियों ने पट्टा और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम के डेढ़ साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का बोलबाला रहा है।
जनता के पैसे का खुलेआम दुरुपयोग
कांग्रेसी पार्षदों के अनुसार, जनता के पैसे का खुलेआम दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने रिक्शा खरीदी घोटाला, बेलिंग मशीन घोटाला, टिप्पर घोटाला, चैन माउंटेन घोटाला और डीजल घोटाला जैसे कई घोटालों का जिक्र किया।
कांग्रेसियों ने याद दिलाया कि भाजपा ने चुनावी वादों में पट्टाविहीन परिवारों को पट्टा देने और आवास योजना का लाभ दिलाने की बात कही थी। हालांकि, डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी न तो पट्टे मिले हैं और न ही आवास योजना का लाभ।
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम की सत्ता में काबिज भाजपा हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है और शहरवासी मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं।