
प्रदेश प्रवक्ता ठाकुर ने रेड्डी को वामपंथी नक्सलियों का समर्थक बताते हुए कहा कि कांग्रेस-नीत विपक्ष ने ऐसे व्यक्ति को उम्मीदवार बनाया है जिन्होंने सलवा जुडूम के खिलाफ जजमेंट दिया था।अगर उस समय यह फैसला न हुआ होता तो 2020 तक वामपंथी नक्सलवाद का सफाया हो जाता। ठाकुर ने कहा कि विपक्ष द्वारा रेड्डी को उपराष्ट्रपति प्रत्याशी बनाए जाने से आदिवासी समुदाय उद्वेलित है और इससे यह भी स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस का हाथ हमेशा नक्सलियों के साथ है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से देश और प्रदेश की जनता से माफी मांगने की मांग की।
नक्सल सफाए की ओर
छत्तीसगढ़ भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का सफाया किया जा रहा है। इसमें डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप) की महत्वपूर्ण भूमिका है।
डीआरजी जवान स्थानीय भौगोलिक दृष्टिकोण को समझते हुए पूरे फोर्स के साथ मोर्चा ले रहे हैं और नक्सलवाद अब अंतिम दौर में है। ऐसे समय में रेड्डी को उपराष्ट्रपति प्रत्याशी बनाया जाना आदिवासी समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
ठाकुर ने कहा कि सलवा जुडूम के जरिए वनांचल क्षेत्र के आदिवासी वर्ग नक्सलियों के खिलाफ विद्रोह कर रहे थे, लेकिन रेड्डी ने उस समय उन्हीं आदिवासियों के खिलाफ फैसला सुनाया।
कांग्रेस का चरित्र उजागर : भाजपा
प्रवक्ता ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस का असली चेहरा बेनकाब हो गया है। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य रंजीता रंजन ने नक्सलियों को सही बताया था, वहीं राज बब्बर ने उन्हें क्रांतिकारी कहा था।
ठाकुर ने कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता और सलवा जुडूम के अगुवा महेंद्र कर्मा का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के साथ क्लोज-डोर मीटिंग में हिस्सा लेकर नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। यह बताता है कि कांग्रेस के भीतर भी उस समय अलग-अलग राय थीं, लेकिन आज कांग्रेस का नेतृत्व खुलकर नक्सल समर्थकों के साथ खड़ा है।
आदिवासियों का विकास रोकना चाहती कांग्रेस
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस कभी भी नहीं चाहती कि आदिवासी अंचल का विकास हो। न ही वे चाहते हैं कि आदिवासी समुदाय के लोग रोजगार और शिक्षा की ओर आगे बढ़ें।
यही कारण है कि कांग्रेस समय-समय पर ऐसे फैसले लेती रही है जिससे आदिवासी समाज आहत होता है। ठाकुर ने अंत में कहा कि रेड्डी को उपराष्ट्रपति प्रत्याशी बनाए जाने से आदिवासी समुदाय में गहरी नाराजगी है और कांग्रेस को जनता से माफी मांगनी चाहिए