छत्तीसगढ़ में ‘किफायती जन आवास नियम 2025’ को लेकर सियासत गरमा गई

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ में ‘किफायती जन आवास नियम 2025’ को लेकर सियासत गरमा गई है। जहां भाजपा इसे गरीबों को सस्ते प्लॉट देने की योजना बता रही है। साथ ही अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने वाला कदम बताया है। इधर, कांग्रेस ने इसे भू-माफियाओं को फायदा पहुंचाने वाला फरमान करार दिया है।

कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि, भाजपा सरकार ने गरीब की 5 डिसमिल से कम जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगाकर उसके सपनों पर ताला जड़ दिया है, लेकिन माफियाओं को 2 एकड़ या उससे ज्यादा जमीन लेकर खुलेआम प्लॉटिंग की छूट दे दी गई है।

चहेते बिल्डरों और माफियाओं के लिए खोले जा रहे नए रास्ते- कांग्रेस

कांग्रेस का आरोप है कि नया नियम गरीबों की जमीन को बाजार से बाहर कर रहा है, जबकि चहेते बिल्डरों और भू-माफियाओं के लिए नया रास्ता खोल रहा है। गरीब अपनी जरूरत के लिए 1000-2000 वर्गफीट की जमीन का छोटा हिस्सा भी नहीं बेच सकता, लेकिन बड़े प्लॉटों की खरीद-फरोख्त पर कोई रोक नहीं है।

कानून नहीं, माफियाओं से समझौता

ये कानून नहीं, माफियाओं से किया गया समझौता है। आम आदमी के लिए अलग कानून और बिल्डरों के लिए अलग है। गरीब का घर नहीं बनने देना चाहते, लेकिन बड़े प्लॉट पर कॉलोनी काटना मंजूर है। कांग्रेस ने यह भी याद दिलाया कि पिछली भाजपा सरकार में भी 5 डिसमिल से कम जमीनों की रजिस्ट्री पर रोक लगाई गई थी, जिससे गरीबों की जमीन फंसी और माफिया फायदा में रहे।

अवैध प्लॉटिंग रोकने के लिए जरूरी फैसला- भाजपा

भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है। बीजेपी प्रवक्ता देवलाल ने कहा कि यह कदम बेतरतीब और अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने के लिए है। छोटे-छोटे प्लॉट में व्यवस्थित बसाहट से मूलभूत सुविधाएं देना मुश्किल हो जाता था। अब कॉलोनाइजर को व्यवस्थित तरीके से प्लॉटिंग करनी होगी, ताकि लोग बेहतर सुविधा पा सकें।

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