
दोनों के बैंक खातों की जांच में 441 करोड़ रुपए के लेन-देन का रिकॉर्ड मिला है। दोनों के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में पता चला है कि इन्होंने ऑनलाइन सट्टा एप महादेव बुक से जुड़ी मेस्टिजिक कंपनी में भी निवेश किया है। ठेका दिलाने का झांसा देकर 15 करोड़ लिए
पुलिस के मुताबिक पिछली सरकार में बिलासपुर निवासी केके श्रीवास्तव (64) बेहद प्रभावशाली था। वह कई बड़े नेताओं से जुड़ा हुआ था। उसने नोएडा की रावत एसोसिएट कंपनी के मालिक अर्जुन सिंह को स्मार्ट सिटी के तहत 500 करोड़ के ठेके दिलाने का झांसा दिया और उनसे 15 करोड़ रुपए ले लिए।
बता दें कि तेलीबांधा थाने में एफआईआर होने के बाद केके और कंचन फरार हो गए थे। पुलिस ने लंबी जांच के बाद 24 जून को केके को भोपाल से गिरफ्तार किया।
कार से भागा नागपुर, फिर दिल्ली
दूसरी ओर, युवा कांग्रेसी नेता आशीष शिंदे जांच के दौरान अपनी कार CG 04 PP 0007 में केके को छिपाकर नागपुर ले गया। वहां कुछ दिन रहने के बाद दोनों दिल्ली पहुंचे।
लगभग एक महीने तक वहां छिपे रहने के बाद केके भोपाल आया और शिंदे रायपुर लौट गया। पुलिस ने शिंदे को आरोपी की मदद करने के लिए गिरफ्तार किया है। कमीशन पर लिए गए खाते
चार्जशीट में कहा गया है कि कंचन ने अपने परिचित अब्बास अली और कई अन्य लोगों के बैंक खातों का उपयोग पैसों के लेन-देन के लिए किया। इनके खातों में करोड़ों रुपए के ट्रांजैक्शन मिले हैं। कई खातों को कमीशन पर लिया गया था।
पुलिस ने आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक, आईडीएफसी, एचडीएफसी, इंडसइंड बैंक, कोटक महिंद्रा, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई, कैनरा बैंक और एक्सिस बैंक से लेन-देन का रिकॉर्ड खंगाला है।
5 खातों में 15 करोड़ रुपए ट्रांसफर
अर्जुन सिंह ने ठेका मिलने की उम्मीद में 10 से 17 जुलाई 2023 के बीच कंचन और केके को 15 करोड़ रुपए भेजे। यह रकम अकाउंट नंबर 14900500…, 500000…, 0026050… 10126077… 001063400… में ट्रांसफर की गई। इनमें से तीन खाते बिलासपुर के अब्बास अली के