
“लोग कह रहे हैं बेटे को छुड़वा लिया, मेरा बस चलता तो जेल ही नहीं जाता”
अपने बेटे चैतन्य बघेल की रिहाई को लेकर उठ रहे सवालों पर भूपेश बघेल ने साफ कहा कि लोग यह कह रहे हैं कि मैंने अपने बेटे को छुड़वा लिया, जबकि सच्चाई यह है कि उसे कोर्ट से जमानत मिली है। उन्होंने कहा, “मेरा बस चलता तो मेरा बेटा जेल ही नहीं जाता। कोर्ट ने जांच एजेंसियों को फटकार लगाई है, तब जाकर जमानत मिली।” भाजपा नेताओं पर साधा निशाना
भूपेश बघेल ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके मुंह से गलती से सच निकल गया है। उन्होंने कहा कि एक साल से निर्दोष कवासी लखमा जेल में बंद हैं। अगर उन्हें निर्दोष माना जा रहा है, तो फिर EOW और ED की कार्रवाई क्यों जारी है। उन्होंने भाजपा नेताओं से “घड़ियाली आंसू” न बहाने की नसीहत देते हुए कहा कि पहले यह सुनिश्चित करें कि जांच एजेंसियां कोर्ट में जवाब पेश करें।
क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है, जिसमें करीब 3200 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले का दावा किया गया है। FIR में राजनेताओं, आबकारी विभाग के अधिकारियों और कारोबारियों के नाम शामिल हैं।ED के मुताबिक, तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के MD एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के कथित सिंडिकेट के जरिए यह घोटाला अंजाम दिया गया।