बीजापुर में सड़क पर बैठे बेघर परिवारों को हटाया गया

Chhattisgarh Crimesबीजापुर में बेघर हुए 100 परिवारों ने नेशनल हाईवे जाम कर दिया था। रायपुर-हैदराबाद मार्ग नेशनल हाईवे 63 में बैठकर प्रभावित परिवारों ने नुकसान का मुआवजा मांगा और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

इस दौरान कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, जिसे प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर खुलवा दिया है। बता दें कि 16-17 जनवरी दो दिन की कार्रवाई में प्रशासन ने अवैध बताते हुए 100 मकानों पर बुलडोजर चलवा दिया था। तब से बेघर हुए लोग टेंट लगाकर रह रहे है।

पीड़ित परिवारों से मिले विधायक मंडावी

18 जनवरी की सुबह न्यू बस स्टैंड के पीछे चट्टानपारा इलाके में टेंट लगाकर रह रहे पीड़ित परिवारों से विधायक विक्रम मंडावी ने मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित ग्रामीणों से घटना के संबंध में जानकारी ली, जिसके बाद वे सभी प्रभावितों को लेकर बीच सड़क बैठकर हाईवे में चक्काजाम कर दिए थे। इस दौरान उनके साथ प्रभावित ग्रामीण मौजूद रहे।

मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

विधायक विक्रम मंडावी ने प्रशासन से मांग की है कि बेघर हुए लोग जहां पर भी टेंट के सहारे बैठे है उन्हें वहीं जमीन-घर दिया जाए। भविष्य में फिर इस तरह की कार्रवाई ना हो इसका ठोस आश्वासन दिया जाए। प्रभावितों को मूलभूत सुविधाएं मिले। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।

DRG-दंपती के घर समेत 100 मकानों पर चला बुलडोजर

बीजापुर में 16-17 जनवरी को 2 दिन की कार्रवाई में न्यू बस स्टैंड के पीछे स्थित चट्टानपारा इलाके में अवैध अतिक्रमण बताते हुए प्रशासन ने 100 मकानों पर बुलडोजर चला दिया है।

इस कार्रवाई के बाद इलाके में रहने वाले परिवार बेघर हो गए हैं। पीड़ित परिवारों ने कड़ाके की ठंड में पॉलिथीन के टेंट के सहारे रात गुजारी।

इस दौरान डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) दंपती का घर भी तोड़ा गया, जबकि जवान ड्यूटी पर गया हुआ था। कुछ परिवार यहां पिछले 12-13 साल से रह रहे थे। प्रभावितों का कहना है कि प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद उन्होंने पक्का मकान बनाया था।

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