
यह गोठान लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में फैला है और इसे कंटीले तारों से सुरक्षित किया गया है। पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने के लिए पैरादान की व्यवस्था है। स्वच्छ पेयजल के लिए डबरी और बोरवेल की सुविधा भी मौजूद है, साथ ही गर्मी से बचाव के लिए छायादार वृक्ष लगाए गए हैं।v
इस पहल से फसल और सड़क दुर्घटनाओं की समस्या घटेगी
उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवायें, मुंगेली के डॉ. आर. एस. त्रिपाठी ने बताया कि इस पहल से गांव की सड़कों पर घूमने वाले घुमंतु पशुओं को सुरक्षित आश्रय मिला है। इससे फसलों को होने वाला नुकसान लगभग समाप्त हो जाएगा और सड़क दुर्घटनाओं में पशुओं व जनहानि में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
समिति के अध्यक्ष नीलकंठ कश्यप ने जानकारी दी कि समिति के पंजीकरण के बाद, कुआँगांव गोठान को गोधन योजना के अंतर्गत पंजीकृत किया जाएगा। इसके उपरांत छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग को अनुदान के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।