राजिम कुंभ कल्प की तैयारियों को लेकर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ने ली बैठक

Chhattisgarh Crimes

सभी विभागीय कार्य हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश,

मांस, मछली और मदिरा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध

 

गरियाबंद। राजिम कुंभ कल्प 2026 की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक राजिम के नये मेला मैदान में आयोजित की गई। जिसमें संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने सभी विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर बीएस उइके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत के सीईओ प्रखर चंद्राकर सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजुद थे। मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि आगामी 1 फरवरी से राजिम कुंभ कल्प का आयोजन होगा। इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ तैयारियां 30 जनवरी तक हर हाल में पूरी कर ले। राजिम कुंभ कल्प के शुभारंभ अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका सहित मंत्रीगण उपस्थित रहेंगे।

उन्होंने वि़द्युत विभाग के अधिकारियों को बिजली की निर्बाध व्यवस्था बनाए रखने, परिवहन विभाग द्वारा बसों के रात में भी सुचारू परिचालन, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और मौके पर त्वरित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि राजिम कुंभ कल्प के दौरान 1 फरवरी से 15 फरवरी तक राजिम नगरी के आसपास मांस, मछली और मदिरा की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित करें और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करें। परिवहन और पुलिस विभाग को लगातार सड़क गश्त करने तथा यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। व्यापारिक प्रतिष्ठानों में फ्लैक्स और रेट सूची अनिवार्य रूप से लगाने पर भी कहा गया।

मंत्री राजेश अग्रवाल ने खाद्य विभाग को खाद्यान्न, विशेषकर चावल का समय पर आबंटन करने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त दाल-भात केंद्र संचालित करने को कहा गया। शाही स्नान के लिए सुरक्षित बैरिकेटिंग, नदी तट पर भीड़ नियंत्रण और व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर भी निर्देश दिए गए। पुलिस विभाग को संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल की तैनाती और चौकसी बढ़ाने के लिए कहा गया। दुर्घटनाओं की स्थिति में क्रेन, फायर ब्रिगेड और आवश्यक संसाधन तत्पर रखने का निर्देश भी बैठक में दिया गया। मेले स्थल पर प्रतिदिन साफ-सफाई, कचरा निस्तारण और स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि पिछली बार हुई कमियों को इस बार सुधारा जाएगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। धर्मशालाओं की व्यवस्था, दूरसंचार कंपनियों द्वारा मोबाइल टॉवर की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प प्रदेश की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक महापर्व है, इसलिए सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी पूर्ण तत्परता से निभाएं ताकि आयोजन ऐतिहासिक और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

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