आदिवासी बाहुल्य गांँव गोना में शिक्षा व्यवस्था बदहाल, 94 बच्चों पर सिर्फ 3 शिक्षक, ग्रामीणों ने दी पदयात्रा की चेतावनी*

Chhattisgarh Crimesपूरन मेश्राम/मैनपुर।विकासखंड मुख्यालय मैनपुर के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र ग्राम गोना में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गोना में लंबे समय से शिक्षकों की कमी बनी हुई है।ग्रामीणों के अनुसार माध्यमिक शाला में लगभग 52 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन विगत 10 वर्षों से मात्र 2 शिक्षक ही पदस्थ हैं। शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।

 

*फर्नीचर तक नहीं*
पालकों ने बताया कि स्कूल में बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त टेबल कुर्सियों की भी व्यवस्था नहीं है। इस संबंध में कई बार आवेदन देने के बावजूद विभाग ने आज तक फर्नीचर उपलब्ध नहीं कराया है। बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं।

*प्राथमिक शाला भी एक शिक्षक के भरोसे*
वहीं प्राथमिक शाला गोना की स्थिति और भी दयनीय है। यहां वर्तमान में सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे पूरा स्कूल संचालित हो रहा है।

*94 बच्चों पर 3 मास्टर*
शाला समिति, ग्राम समिति, पूर्व सरपंच सुनील मरकाम एवं सुधीर मरकाम ने बताया कि दोनों स्कूलों में कुल 94 बच्चे अध्ययनरत हैं और सिर्फ 3 शिक्षक कार्यरत हैं।

पालकों ने शिक्षा विभाग और प्रशासन से मांँग की है कि विद्यालयों में शीघ्र अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना की जाए और टेबल-कुर्सियों की व्यवस्था की जाए।

*कलेक्टर शिविर तक पदयात्रा की चेतावनी*
ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक उपलब्ध कराने को लेकर कई बार संबंधित विभाग को आवेदन दिया जा चुका है,लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई तो वे बच्चों के साथ पैदल यात्रा कर कलेक्टर शिविर पहुंँचकर अपनी मांँग रखेंगे।इस दौरान शाला समिति अध्यक्ष गोपाल मरकाम (M/S & P/S) शाला समिति सुधीर मरकाम,रोहन नेताम, मोतीराम,सुभाष,कमल, सुदेश्वर मरकाम, सुनील मरकाम, बिसाहू,मदनलाल, सगुन,फालेश,मिथला बाई, गीता नेताम, ऋतु नेताम, अहिल्या बाई,सरिता बाई, केशरी बाई, चैनी बाई,उर्मिला बाई सहित बड़ी संख्या में पालकगण एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

Exit mobile version