
ग्राम पंचायत पदाधिकारियों द्वारा दिए गए त्यागपत्र पत्र के अनुसार, जाड़ापदर में पदस्थ सचिव श्री समारू राम ध्रुव द्वारा पंचायत के कार्यों का समयबद्धता और तत्परता से निष्पादन नहीं किया जा रहा है। सचिव पर आरोप है कि वे ऑनलाइन कार्य, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करना, जियो टैगिंग, 15वें वित्त आयोग के कार्य, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेंशन सत्यापन तथा ग्राम सभा की बैठकों तक में लगातार अनुपस्थित रहते हैं।
सरपंच एवं पंच पदाधिकारियों का कहना है कि सचिव को तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक विषयों की समझ नहीं है और उनका व्यवहार भी पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों के प्रति अपेक्षित नहीं है। इसके कारण गांव का समग्र विकास रुक गया है। त्यागपत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि उक्त सचिव पूर्व में अपनी लापरवाही के कारण 5 वर्षों तक निलंबित भी रह चुके हैं।
पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सचिव को हटाने के संबंध में उच्च अधिकारियों को पहले भी कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार शासन-प्रशासन के उदासीन रवैये से क्षुब्ध होकर सरपंच, उपसरपंच और सभी पंचों ने एकजुट होकर सामूहिक त्यागपत्र देने का कदम उठाया है।