
सुरक्षा बलों के बढ़ते प्रभाव, संगठन के विघटन की स्थिति, संगठन की हिंसक एवं जनविरोधी विचारधारा से मोहभंग होने पर नक्सलियों ने पुनर्वास का फैसला लिया। पूर्व साथियों के भी सफल पुनर्वास को देख इन 6 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है।
आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों के नाम-
1. रानी सोढ़ी उर्फ संध्या, उम्र: 30 वर्ष, पता: गोरना बटटूमपारा, थाना बीजापुर, संगठन: ओडिशा राज्य, कंपनी नंबर 08 पीपीसीएम, इनाम राशि: 8 लाख रुपए
2. पांडो पोड़ियम उर्फ सस्मिता, उम्र: 28 वर्ष, पता: नेलनार मंतूपारा, थाना ओरछा, जिला नारायणपुर, संगठन: ओडिशा राज्य, कंपनी नंबर 08 पीपीसीएम पद/रैंक: PPCM, इनाम राशि 8 लाख
3. सुक्कू कुड़ियम उर्फ संतोष, उम्र: 27 वर्ष, पता: सागमेटा ईमलीपारा, थाना फरसेगढ़, जिला बीजापुर, संगठन: ओडिशा राज्य, कंपनी नंबर 08 पीपीसीएम/ उड़ीसा राज्य सीसीएम गणेश उईका का सुरक्षा गार्ड, इनाम राशि 8 लाख
4. कोसा माड़वी उर्फ सतीश, उम्र: 30 वर्ष, पता: पोनडवाया, थाना भैरमगढ़, जिला बीजापुर, संगठन: कंपनी नंबर 02, पीपीसीएम/ ए-सेक्शन कमांडर पद/रैंक: PPCM, इनाम राशि: 8 लाख
5. देवे मड़कम उर्फ जन्नी, उम्र: 22 वर्ष, पता: सिंगनपल्ली स्कूलपारा, थाना उसूर, जिला बीजापुर, संगठन: ओडिशा राज्य, कंपनी नंबर 08 की पार्टी सदस्य, जगदीश इरपा उर्फ रमन्ना का सुरक्षा गार्ड सदस्य, पद/रैंक: PM, इनाम राशि: 2 लाख।
6. लालू ताती, उम्र: 25 वर्ष, पता: तोड़का गायता पारा, थाना गंगालूर, जिला बीजापुर, संगठन: गंगालूर एरिया कमेटी, पार्टी सदस्य, इनाम राशि: 1 लाख।
पुलिस के मुताबिक, रानी सोढ़ी वर्ष 2012 में बाल संघम सदस्य के रूप में संगठन में शामिल हुई थी। बाद में वह पीएलजीए सदस्य और पार्टी सदस्य बनी। वर्ष 2022 में उसे ओडिशा राज्य की कंपनी नंबर आठ में पीपीसीएम की जिम्मेदारी दी गई। इसी तरह पांडो पोड़ियम वर्ष 2015 में संगठन से जुड़ी और दिसंबर 2025 में पीपीसीएम पद पर पहुंची। सुक्कू कुड़ियम वर्ष 2005 से संगठन में सक्रिय था और ओडिशा में वरिष्ठ माओवादी कैडरों की सुरक्षा में भी तैनात रहा। कोसा माड़वी कंपनी नंबर दो में पीपीसीएम एवं ए-सेक्शन कमांडर के रूप में कार्यरत था। स्वास्थ्य संबंधी कारणों से जनवरी 2026 में संगठन से अलग होकर फरार चल रहा था।
देवे मड़कम उर्फ जन्नी वर्ष 2015 में संगठन से जुड़ी थी। बाद में उसे ओडिशा राज्य की कंपनी नंबर आठ में भेजा गया, जहां उसने वरिष्ठ नक्सली कैडर जगदीश इरपा उर्फ रमन्ना के सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्य किया। वहीं लालू ताती वर्ष 2010 में बाल संघम सदस्य बना और बाद में गंगालूर एरिया कमेटी तथा बटालियन नंबर एक में पार्टी सदस्य के रूप में कार्यरत रहा. वह जनवरी-फरवरी 2026 में संगठन से फरार था।
पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले कई कैडर अलग-अलग मुठभेड़ों, पुलिस कैंपों पर हमलों और सुरक्षा बलों के खिलाफ संचालित गतिविधियों में शामिल रहे हैं. इनमें छत्तीसगढ़ के साथ ओडिशा और अन्य क्षेत्रों की घटनाएं शामिल हैं. लगातार बढ़ते सुरक्षा दबाव, संगठन के भीतर बदलती परिस्थितियों और हिंसक विचारधारा से मोहभंग के चलते इन कैडरों ने संगठन छोड़ने का फैसला लिया.
आदिवासी क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास कार्यों, सुरक्षा बलों की सक्रियता और पूर्व माओवादी कैडरों के पुनर्वास से भी संगठन छोड़ने के लिए सकारात्मक वातावरण बना है। आत्मसमर्पण करने वाले सभी कैडरों को छत्तीसगढ़ शासन की नीति के तहत सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। -उमेश गुप्ता, SP बीजापुर