छत्तीसगढ़ क्राइम्स की खबर का असर: 100% दिव्यांग मदन का आधार पंजीयन सफल, मां की मेहनत लाई रंग

Chhattisgarh Crimes युमेन्द्र कश्यप/छत्तीसगढ़ क्राइम्स। अमलीपदर क्षेत्र के मुड़ागांव निवासी 100 प्रतिशत दिव्यांग मदन नागेश का आधार पंजीयन आखिरकार सफल हो गया। बेटे का आधार बनवाने के लिए मां कई बार गरियाबंद कलेक्ट्रेट पहुंचीं। इसके लिए उन्हें लोगों से पैसे उधार मांगकर गाड़ी का किराया तक जुटाना पड़ा। लगातार प्रयासों के बावजूद पंजीयन नहीं होने से परिवार परेशान था।

मामला मीडिया में आने के बाद प्रशासन ने पहल की। EDM गरियाबंद के निर्देश पर तहसील कार्यालय अमलीपदर और एसडीएम कार्यालय में संचालित आधार केंद्र के सुपरवाइजर चन्द्रप्रकाश पटेल और वेदप्रकाश सिन्हा ने प्रकरण को गंभीरता से लिया। लगातार प्रयासों के बाद मदन का आधार पंजीयन पूरा हुआ और उन्हें एनरोलमेंट आईडी (EID) जारी की गई।

■ अब व्यवस्था से बड़ा सवाल

मदन के आधार पंजीयन से परिवार को राहत मिली है। इसके लिए प्रशासन और आधार टीम के प्रयास सराहनीय हैं। लेकिन यह मामला व्यवस्था के सामने एक सवाल भी खड़ा करता है—जब संवेदनशील पहल से कठिन प्रक्रिया पूरी हो सकती है, तो दूसरे जरूरतमंदों को जाति प्रमाणपत्र, पेंशन और राजस्व संबंधी कामों के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर क्यों काटने पड़ते हैं?

सरकारी व्यवस्था का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान करना है। जरूरतमंदों को राहत देने के लिए उनकी समस्या का खबर बनने तक इंतजार नहीं होना चाहिए। यही सुशासन और जनसेवा की असली पहचान है।

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