
साथ ही, दूसरे स्थान से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई है। इनमें भरमार बंदूक, देशी ग्रेनेड लांचर (सुरका रायफल), 160 अलग-अलग हथियारों के राउंड और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस शामिल हैं। यह मामला मैनपुर थाना क्षेत्र का है।
अब जानिए पूरा मामला
जानकारी मिली कि शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर सरेंडर कर चुके नक्सलियों से पूछताछ में पता चला कि प्रतिबंधित संगठन सीपीआई माओवादी के धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजन के शीर्ष लीडर गरियाबंद के जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में डंप रखा है।
इस सूचना के आधार पर गरियाबंद जिला पुलिस बल की ई-30 आप्स टीम और डीआरजी धमतरी की संयुक्त टीम 28 फरवरी 2026 को मौके पर रवाना हुई। टीम ने 28 फरवरी को ग्राम कड़ेदोरा के जंगल में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखी गई सामग्री को बरामद किया गया।
पुलिस ने मौके से कुल 46,31,500 रुपए नकद राशि जब्त की। इसके अलावा, एक भरमार बंदूक, एक एलएमजी बट (स्पेयर), 33 भरमार कारतूस, एक सटका रायफल, 32 डीजल इंजन सेल, एक लैपटॉप, दो मोबाइल, 10 इंसास राउंड, 11 एसएलआर राउंड, 45 एके-47 राउंड, 41 .303 राउंड, 23 विभिन्न शॉटगन राउंड, 26 नग 12 बोर राउंड, 13 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर और 10 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर सहित अन्य नक्सली उपयोग की सामग्री भी मिली है।
दो नक्सली डंप से 46 लाख नकद और भारी हथियार जब्त
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई उन माओवादियों से मिली जानकारी के आधार पर की गई जो शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण कर चुके थे। इस सफलता को नक्सली संगठन के लिए आर्थिक और रणनीतिक रूप से बड़ा झटका माना जा रहा है।
बरामद की की गई नकदी और हथियार दो अलग-अलग डंप से मिली है। एक डंप से 46 लाख 31 हजार 500 रुपए बरामद हुए, जिनमें 100 पुराने 2-2 हजार रुपए के नोट और बाकी 5-5 सौ रुपए के नोट थे। दूसरे डंप से भारी हथियार, कारतूस और इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किए गए। गरियाबंद के सुरक्षा बल अब तक कुल 1 करोड़ 8 लाख रुपए नकद बरामद कर चुके हैं।