
वन विभाग को अमारु बीट क्षेत्र में वन्यजीव के शिकार की गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि होने पर विभाग की एक विशेष टीम मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी की। वन कर्मियों को देखकर शिकारियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने दो आरोपियों को पकड़ लिया। घटनास्थल से चीतल के शिकार से जुड़े कई सबूत और अवशेष बरामद किए गए हैं।
फरार आरोपी की तलाश में पुलिस
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान तुलाराम और विश्वनाथ के रूप में हुई है। उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों की तलाश में वन विभाग ने जंगल में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि वन्यजीवों के अवैध शिकार के मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।