
इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। आरोपी टीचर को गिरफ्तार कर लिया है। मामला डोंगरगढ़ के खालसा पब्लिक स्कूल का है।
अब जानिए क्या है पूरा मामला
दरअसल, 2 जुलाई 2025 को हमेशा की तरह कक्षा 7वीं का छात्र सार्थक सहारे (13) स्कूल गया था। इस दौरान सामाजिक विज्ञान की टीचर प्रियंका सिंह क्लास लेने के लिए आई। टीचर ने छात्र सार्थक को किताब निकालने के लिए कहा, लेकिन थोड़ी देरी हो गई। छात्र ने टीचर से दोबारा पूछा कि मैम आपने क्या कहा है, मैं सुन नहीं पाया हूं। इससे टीचर गुस्से से तमतमा उठीं और 3-4 थप्पड़ मार दिए।
थप्पड़ से आई गंभीर चोट, छात्र को सुनाई देना हुआ बंद
सार्थक की मां संतोषी सहारे ने बताया कि उनका बेटा स्कूल से घर लौटते ही बोला कि मम्मी, मुझे अब सुनाई नहीं दे रहा। घबराए परिजन तत्काल उसे डोंगरगढ़ के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर्स ने प्रारंभिक जांच में बताया कि छात्र के कान में अंदरूनी चोट आई है।
इसके बाद डॉक्टर्स ने सार्थक को राजनांदगांव जिला अस्पताल, फिर रायपुर के निजी अस्पताल में रेफर किया। रायपुर के निजी अस्पताल के मुताबिक, चोट गहरी है। इलाज लंबा चल सकता है। अभी भी छात्र को सुनने में तकलीफ है।
शिक्षिका पहले भी छात्रों को पीट चुकी- छात्रा श्वेता
परिवार की शिकायत के समर्थन में एक अन्य छात्रा श्वेता गजभिए ने कहा कि टीचर प्रियंका सिंह पहले भी कई छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार कर चुकी हैं, लेकिन बच्चे डर की वजह से चुप रहते हैं। श्वेता के अनुसार टीचर बच्चों से चीखकर बात करती हैं और मारने में संकोच नहीं करतीं।
स्कूल प्रबंधन पर मामले को दबाने का आरोप
पीड़ित छात्र के पिता सुधाकर सहारे ने बताया कि वे पिछले 9 महीनों से अपने बच्चे को न्याय दिलाने के लिए लगातार कोशिश कर रहे थे। अब जाकर प्रियंका सिंह की गिरफ्तारी हुई है।
उन्होंने कहा कि अभी तक स्कूल प्रबंधन की तरफ से परिवार को कोई मदद नहीं मिली है। उल्टा, स्कूल ने मामले को दबाने और उन्हें गलत साबित करने की कोशिश की।
उन्होंने यह भी कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने मीडिया का धन्यवाद किया, क्योंकि मीडिया के समर्थन से दबाव बना और कार्रवाई हो सकी।
हमारे बच्चे को न्याय मिले, स्कूल टीचर को सस्पेंड किया जाए
छात्र की मां संतोषी सहारे ने कहा कि हम बस चाहते हैं कि हमारे बच्चे को न्याय मिले। स्कूल टीचर को सस्पेंड किया जाए। बच्चे के इलाज का खर्च स्कूल उठाए। यह कोई मामूली सजा नहीं थी, बल्कि हमारे बच्चे की जिंदगी पर हमला है।
अगर टीचर ने गलती की है तो कार्रवाई होगी
स्कूल प्रबंधन के अध्यक्ष अदनान सिंह अरोरा ने बताया कि हर मीटिंग में टीचर्स हो हिदायत दी जाती है कि बच्चों पर हाथ नहीं उठाया जाए।
डोंगरगढ़ एसडीओपी केसरी नंदन नायक ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर पुराने लंबित मामलों की समीक्षा की गई। इसके बाद थाना प्रभारी को सभी पुराने मामलों का जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए गए। इसी के तहत खालसा स्कूल मामले में कार्रवाई की गई।
इस मामले की मुख्य आरोपी प्रियंका सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि दूसरी आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।