
पीपरखूंटी के कंपार्टमेंट नंबर 5 में कुल 122 पेड़ों की अंधाधुंध कटाई का खुलासा हुआ था, जिसके बाद मौके पर केवल ठूंठ ही बचे हैं। इस लापरवाही के कारण वन विभाग को लगभग 2 लाख 60 हजार रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।
इस बड़ी घटना की शिकायत मिलने पर राज्य उड़नदस्ता की टीम ने मौके पर पहुंचकर गहन जांच की थी। जांच रिपोर्ट में सुरक्षा के अभाव और अधिकारियों की लापरवाही के कारण अवैध कटाई की पुष्टि हुई।
इसी रिपोर्ट के आधार पर डीएफओ ग्रीष्मी चांद ने पहले बीट गार्ड दीपक सिदार को निलंबित किया था और फिर रेंजर व डिप्टी रेंजर के निलंबन का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा था।
लापरवाही बरतने के आरोप में डिप्टी रेंजर निलंबित
सीसीएफ मनोज पांडेय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी रेंजर संत राम रजक को अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कटघोरा वन मंडल निर्धारित किया गया है। वन विभाग की इस सख्त कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।