
वहीं, गिरफ्तार बाप-बेटे आरोपी सट्टे से मिले ब्लैक मनी को व्हाइट मनी में बदलते थे। पुलिस ने उनके पास से 1 करोड़ 2 लाख 81 हजार 300 रुपए कैश, एक नोट गिनने की मशीन, 4 मोबाइल फोन और अन्य सामान जब्त किया है। कुल मिलाकर पुलिस ने करीब 1 करोड़ 3 लाख 86 हजार 300 रुपए की संपत्ति जब्त की है।
अब जानिए पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, 26 अप्रैल को साइबर सेल, कोतवाली पुलिस और घरघोड़ा थाना की संयुक्त टीम ने शहर और घरघोड़ा क्षेत्र में ऑनलाइन IPL सट्टा नेटवर्क पर एक साथ दबिश दी।
इस कार्रवाई में पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें सोनू देवांगन (21), हर्षित देवांगन (24), भरत गोयल (22), गौतम भोजवानी (26), लक्ष्मीनारायण सिदार (28) और सागर गुप्ता (27) शामिल हैं। सभी आरोपी अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं और ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
करन चौधरी सट्टा नेटवर्क का मास्टरमाइंड
रायगढ़ पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन और नकदी जब्त की गई थी। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि पूरा सट्टा नेटवर्क रायगढ़ के करन चौधरी (29) और जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार के इशारे पर चल रहा था।
इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच, कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड और पैसों के लेन-देन की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि करन चौधरी लंबे समय से रायगढ़, सक्ती, रायपुर, बिलासपुर से लेकर दिल्ली तक फैले ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क को चला रहा था।
सट्टे से कमाए गए पैसों को वह सीधे अपने पास नहीं रखता था, बल्कि उन्हें परिचित कारोबारियों, पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और अन्य व्यापारिक चैनलों के माध्यम से कैश छिपाकर जमा करता था। बाद में यह पैसा हवाला चैनल के जरिए आगे ट्रांसफर किया जाता था।
बाप-बेटा ब्लैक मनी को व्हाइट मनी करते थे
पूछताछ में यह भी पता चला कि कृष्ण प्राइड टावर में रहने वाले पुष्कर अग्रवाल (26 वर्ष) और उसके पिता सुनील अग्रवाल (58 वर्ष) इस पूरे मनी मूवमेंट नेटवर्क का अहम हिस्से थे। ये लोग सट्टे से कमाए गए ब्लैक मनी को हवाला के जरिए व्हाइट करने का काम कर रहे थे।
पुलिस ने करन चौधरी को गिरफ्तार करने के बाद कृष्ण प्राइड टावर के फ्लैट में छापा मारा।
छापे के दौरान सुनील अग्रवाल के पास से 50 लाख रुपए नकद, एक नोट गिनने की मशीन और मोबाइल फोन बरामद हुए। वहीं पुष्कर अग्रवाल के पास से 52 लाख 60 हजार रुपए नकद और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए।