छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, लेकिन शीतलहर के चलते ठंड का असर अब भी बना हुआ है। सुबह के समय हल्की ठंड महसूस की जा रही है, जबकि शाम ढलते ही तेज ठंड का प्रभाव बढ़ जाता है।

शीतलहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में तापमान में और गिरावट के साथ शीतलहर और शीत दिवस की स्थिति बनने की संभावना जताई है।

CMHO डॉ. अनिल जगत ने बताया कि शीतलहर का प्रभाव विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों पर अधिक पड़ता है। इसके अलावा हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी, मधुमेह, अस्थमा और अन्य दीर्घकालिक रोगों से ग्रसित व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

शीतलहर के दौरान शरीर का तापमान अचानक गिर सकता है, जिससे हाइपोथर्मिया, हाथ-पैरों में सुन्नपन, श्वसन संबंधी बीमारियों में वृद्धि और हृदय रोगियों की समस्याएं बढ़ने की आशंका रहती है। बच्चों में सर्दी-जुकाम और निमोनिया का खतरा भी बढ़ जाता है।

डॉ. जगत ने लोगों को परतदार गर्म कपड़े पहनने, ऊनी टोपी, मफलर, दस्ताने और मोजे का उपयोग करने की सलाह दी है। साथ ही सुबह और शाम के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, गर्म भोजन व पेय पदार्थों का सेवन करने, ठंड के मौसम में भी पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूम्रपान से दूर रहने की अपील की है।

हीटर सावधानी पूर्वक उपयोग करने की सलाह

जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि घर के भीतर हीटर का उपयोग पूरी सावधानी के साथ किया जाए। बंद कमरों में अंगीठी या कोयला जलाने से परहेज करने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि इससे कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण दम घुटने का गंभीर खतरा रहता है। बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को अतिरिक्त गर्माहट देने की आवश्यकता बताई गई है।

सुबह और देर शाम यात्रा से बचने की बात कही

कोहरे की स्थिति को देखते हुए सुबह और देर शाम अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। आवश्यक होने पर यात्रा के दौरान वाहन धीमी गति से चलाने, हेडलाइट, फॉग लाइट का उपयोग करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।

इसके अलावा खेतों में कार्य करने वाले किसानों को गर्म कपड़े पहनने और समय-समय पर विश्राम करने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में अत्यधिक ठंड लगने, सांस लेने में कठिनाई या बेहोशी जैसी समस्या होने पर 108 एम्बुलेंस सेवा या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से तत्काल संपर्क करने की सलाह दी गई है।

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